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President Election: जम्मू-कश्मीर विधानसभा इतिहास में दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव नहीं हो पाएगा शामिल

Thu, 23 Jun 2022 04:50 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा शीर्ष संवैधानिक पद के चुनाव में शामिल नहीं होगी। ऐसे प्रदेश के इतिहास में दूसरी बार होने जा रहा है।
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vote new - फोटो : i stock
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विस्तार
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देश के अगले राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होना है। इस बार केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधानसभा शीर्ष संवैधानिक पद के चुनाव में शामिल नहीं होगी। ऐसे प्रदेश के इतिहास में दूसरी बार होने जा रहा है। हालांकि, केंद्र शासित प्रदेश के पांच लोकसभा सदस्य फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी, अकबर लोन, जुगल किशोर शर्मा और जितेंद्र सिंह मतदान करेंगे।

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वर्तमान में, जम्मू-कश्मीर की विधानसभा का गठन किया जाना बाकी है। 2019 में जम्मू-कश्मीर राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश में बदल गया है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए एक विधानसभा का प्रावधान करता है, लेकिन विभिन्न कारणों से अभी चुनाव होना बाकी है।

इससे पहले 1992 में जम्मू-कश्मीर और नागालैंड की विधानसभाओं का विघटन कर दिया गया था। उस दौरान शंकर दयाल शर्मा 10वें राष्ट्रपति चुने गए। तब दोनों राज्य इस चुनाव का हिस्सा नहीं हो बन सके थे। 1974 में सबसे पहले गुजरात राज्य की विधानसभा विघटन के कारण राष्ट्रपति चुनाव का हिस्सा नहीं बन पाया था। वहीं, असम, नागालैंड और जम्मू-कश्मीर की विधानसभाएं भी विघटन के कारण बाद के कुछ चुनावों में भाग नहीं ले सकीं।
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देश में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग होगी। भाजपा ने उड़ीसा की आदिवासी महिला नेता और झारखंड की पूर्व गवर्नर द्रौपदी मुर्मू पर दांव खेला है। वहीं विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं।

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