रियासत में अगले वित्त वर्ष के पहले माह अप्रैल से बिजली उपभोक्ताओं को किराया बढ़ोतरी का झटका लग सकता है। घरेलू, व्यवसायिक, इंडस्ट्रियल सभी वर्गों में पांच से दस फीसदी तक किराया बढ़ोतरी हो सकती है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग इस संबंध में अपनी सिफारिश सरकार को सौंप चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल 2015 में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने एक मार्च को शपथ ग्रहण की थी।
इस वजह से बिजली किराया बढ़ोतरी सरकार ने नहीं की। बिजली घाटे के लगातार बढ़ोतरी के मद्देनजर पिछले साल भी राज्य विद्युत नियामक आयोग (सर्क) ने सरकार से किराया बढ़ोतरी की सिफारिश की हुई थी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
इस साल भी किराया बढ़ोतरी की सिफारिश की फाइल सरकार के पास पहुंच चुकी है। ऐसे में राज्यपाल प्रशासन बिजली विभाग पर मार्च 2016 के अंत तक 6949 करोड़ की बिजली खर्च की देनदारी को देखते हुए किराया बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान कर सकता है।
वर्तमान समय में रियासती सरकार को करीब 7.25 रुपये प्रति यूनिट बिजली पड़ रही है और वह सब्सिडी के आधार पर उपभोक्ताओं के विभिन्न वर्गों में बिजली मुहैया करवा रही है। इसमें सबसे ज्यादा सब्सिडी घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को 2.34 रुपये प्रति यूनिट बिजली मिल रही है।