जम्मू विश्वविद्यालय के हिंदी और संस्कृत विभाग में कई पद रिक्त पड़े हुए हैं। हिंदी विभाग में एक प्रोफेसर की पोस्ट पर अभी तक साक्षात्कार नहीं हो सका है, जबकि संस्कृत विभाग में तीन पद रिक्त पड़े हुए हैं। वहीं, इस पर कोई नियुक्तियां नहीं हो रही हैं।
हालांकि इन नियुक्तियों से कई प्रतीक्षा कर रहे हिंदी-संस्कृत के उच्च डिग्रीधारी उम्मीदवारों को राहत मिलेगी लेकिन अभी तक इन पदों की नियुक्तियों के न होने से उम्मीदवार स्कालरों में भारी निराशा है। जानकारी के मुताबिक संस्कृत विभाग में दो लेक्चरर के पद खाली हैं, जबकि एक पोस्ट के लिए अदालत में मामला लंबित है।
दूसरी ओर कुछ माह पहले दो प्रोफेसर संस्कृत विभाग से अवकाश ग्रहण कर चुके हैं, जिसके बाद अभी कोई ताजा नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। हिंदी विभाग में हिंदी का कोई लिपिक शुरू से ही नहीं है, जिससे विभाग के कार्यालय का कामकाज हिंदी में पूरी तरह से संपन्न नहीं हो पाता।
इस संबंध में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. परमेश्वरी शर्मा का कहना है कि अब तो कंप्यूटर का युग है। विभाग में सुचारु ढंग से कामकाज लिपिक करते हैं और पर्याप्त लिपिक भी मौजूद हैं। जल्द ही प्रोफेसर पद के लिए साक्षात्कार भी होने वाला है। संस्कृत में जल्द ही खाली पड़े पोस्ट के लिए साक्षात्कार होने जा रहे हैं।