पुंछ से पहले अनंतनाग, माच्छिल और मेंढर में भी बलिदानियों के शवों को दहशतगर्दों ने क्षत-विक्षत किया था। अब पुंछ में आतंकियों ने अपनी इसी हैवानियत को उजागर किया। घटनास्थल पर सैन्य जवानों के टूटे और खून से लथपथ हेलमेट थे।
पुंछ के सावनी इलाके के जंगल में घात लगाकर हमला और बलिदानियों के शवों से बर्बरता दहशतगर्दों की पुरानी रणनीति रही है। पुंछ जिले के बफलियाज इलाके में हुए आतंकी हमले में भी आतंकियों ने इसी कायरतापूर्ण रणनीति को अपनाया। घात लगाकर सेना के दो वाहनों पर पहले हमला किया फिर दो जवानों के शव क्षत-विक्षत किए।
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इस तरह की कायरतापूर्ण हरकत आतंकियों ने पहले नवंबर 2017 में की थी। अनंतनाग जिले के अचाबल क्षेत्र में दहशतगर्दों ने पुलिस दल पर घात लगाकर हमला किया। इसमें सब- इंस्पेक्टर के साथ छह पुलिसकर्मी बलिदान हुए थे। आतंकियों ने बलिदानियों के शव के साथ बर्बरता कर उन्हें क्षत-विक्षत किया था।
28 अक्तूबर 2016 को कुपवाड़ा जिले के माच्छिल सेक्टर में सिपाही मनदीप सिंह के साथ भी ऐसी ही बर्बरता की गई थी। वहीं, 22 नवंबर, 2016 को माच्छिल सेक्टर में तीन जवान शहीद हुए। इनमें एक के शव के साथ बर्बतरा की गई थी। एक मई, 2017 को पाकिस्तानी रेंजनों ने पुंछ जिले की कृष्णा घाटी सेक्टर में मेंढर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।
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इसमें हमलावरों की बैट टीम ने दो जवानों के शव क्षत- विक्षत कर दिए थे। अब पुंछ में आतंकियों ने अपनी इसी हैवानियत को उजागर किया। घटनास्थल पर सैन्य जवानों के टूटे और खून से लथपथ हेलमेट थे।
पुंछ में आतंकियों की तलाश जारी चप्पा-चप्पा खंगाल रहे सुरक्षा बल
पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के देहरागली के सावनी इलाके में सैन्य वाहनों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने गहन तलाशी अभियान चलाया हुआ है। दहशतगर्दों की तलाश में चप्पा-चप्पा खंगाला जा रहा है। देहरागली से बफलियाज मस्तानदरा तक जंगलों में आतंकियों के ठिकाने ढूंढे जा रहे हैं। हालांकि अभी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
प्रतिकूल परिस्थितियों में घने जंगल, इनके बीच दर्जनों नाले, वहां मौजूद दो-चार लोगों के आसानी से छिपने योग्य प्राकृतिक गुफाएं और इन दिनों खाली पड़ीं ढोकों में आतंकियों के छिपे होने की आशंका के बीच सुरक्षा बलों के जवान फूंक-फूंककर कदम रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार देहरागली क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में लंबा समय लग सकता है, क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां अब किसी भी सूरत में अपना नुकसान नहीं करवाना चाहतीं। आतंकियों की तलाश में जारी इस अभियान के दूसरे दिन शाम को घने जंगल में आगे बढ़ते हुए सैन्य जवानों ने संदिग्ध ठिकानों पर चार से छह चक्र गोलियां भी बरसाईं हैं। लेकिन आगे से किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं आया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन जारी है।
पुंछ में सैन्य वाहनों पर ग्रेनेड हमले के बाद आतंकियों ने की फायरिंग,पांच जवान बलिदान
आपको बता दें कि पुंछ जिले के बफलियाज इलाके के सावनी इलाके में वीरवार की शाम आतंकियों के घात लगाकर दो सैन्य वाहनों पर किए गए हमले में पांच जवान बलिदान हो गए, जबकि दो जवान घायल भी हुए हैं। दहशतगर्दों ने पहले ग्रेनेड दागे, फिर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। दो जवानों के शव क्षत विक्षत भी कर दिए गए हैं।
कुछ जवानों के हथियार भी ले भागने की आशंका है। पाकिस्तान समर्थित पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के तत्काल बाद जवानों ने मोर्चा संभालते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे मुठभेड़ जारी है। घटना राजोरी-थन्नामंडी-सुरनकोट रोड पर सावनी इलाके में शाम करीब 3.45 बजे की है।
बताते हैं कि डेरा गली से बफलियाज की ओर से 48 राष्ट्रीय राइफल्स के दो वाहन आ रहे थे। इनमें एक जिप्सी तथा दूसरा ट्रक था। राजोरी-थन्नामंडी-सुरनकोट रोड पर सावनी इलाके में पहले से घात लगाए आतंकियों ने सैन्य वाहन देखते ही पहले ग्रेनेड दागा।
इससे दोनों वाहनों के रुकते ही आतंकियों ने चारों ओर से घेरकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों की संख्या चार से छह बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सैन्य वाहन से बफलियाज इलाके से जवानों को लाया जा रहा था जहां बुधवार रात से घेराबंदी एवं तलाशी अभियान चल रहा था।
जम्मू में सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर बुधवार रात संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था। आतंकियों से वीरवार की शाम संपर्क स्थापित होने के बाद मुठभेड़ जारी है। हमले के तत्काल बाद पूरे इलाके को सेना ने घेर लिया।
भेजे गए अतिरिक्त बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। सूचना मिलते ही सेना तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। रात होने के बाद भी पूरे इलाके को घेर रखा है ताकि दहशतगर्द मौके से भाग न निकलें।