30 घरों वाला एक गांव टोपा पीर अब विकसित हो रहा
टोपा पीर, केवल 30 घरों वाला एक गांव है, जिसे निकटतम देहरा की गली-बुफलियाज रोड से एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। यह मार्ग मुगल रोड का हिस्सा है जो एक तरफ कश्मीर में शोपियां जिले और दूसरी तरफ पुंछ जिले के सुरनकोट को जोड़ता है। इस मार्ग की हालत भी खस्ता रही है, जो आतंकी हमले का एक कारण रही है।
इलाके में तीन मौतों के बाद सेना टोपा पीर के निवासियों का विश्वास मजबूत करने की कोशिश कर रही है। थन्नामंडी-डीकेजी-बफलियाज क्षेत्र से 48 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को वापस ले लिया गया है। उसके स्थान पर 61 आरआर को तैनात किया गया है। नव तैनात सैनिकों ने टोपा पीर को एक 'आदर्श गांव' के रूप में अपनाया है और निवासियों से मुलाकात कर उन्हें किसी भी मदद की आवश्यकता का आश्वासन दिया।
सौर स्ट्रीट लाइटें लगीं, स्वास्थ्य केंद्र भी किया उन्नत
'मॉडल गांव' में परिवर्तन में दो दर्जन से अधिक सौर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई है और घरों में जल भंडारण टैंक प्रदान किए गए हैं। सैनिकों ने गांव को डीकेजी-थानामंडी सड़क से जोड़ने वाली लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए एक सर्वेक्षण भी किया, इसके अलावा सरकारी प्राथमिक विद्यालय में डेस्क, किताबें और स्टेशनरी प्रदान की गई है। उन्होंने मौजूदा स्वास्थ्य केंद्र को भी उन्नत किया और निवासियों से जरूरत पड़ने पर सेना के डॉक्टर के पास जाने का आग्रह किया। इसके अलावा, सेना यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि प्रत्येक घर को पाइप से पानी का कनेक्शन मिले।
ग्रामीणों ने सेना संग मनाया गणतंत्र दिवस
24 जनवरी को सेना और टोपा पीर के निवासियों ने मिलकर 75वां गणतंत्र दिवस मनाया। कार्यक्रम में तिरंगा फहराया गया और गांव के बुजुर्गों का अभिनंदन किया गया और उन्हें शॉल और कंबल भेंट किए गए। सेना पीआरओ ने कहा कि कार्यक्रम का समापन एक चिकित्सा शिविर के साथ हुआ।