विधानसभा चुनाव के दौरान रियासत के दुर्गम इलाकों में पोलिंग स्टाफ, ईवीएम और चुनावी मैटेरियल हेलिकाप्टर के मार्फत भेजा जाएगा। दो दिवसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे उप चुनाव आयुक्त विनोद जुत्शी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्गम और दूरदराज इलाकों में लोगों को उनका मताधिकार उपलब्ध करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
उप चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान फुल प्रूफ सुरक्षा माहौल सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों की नियुक्ति की जाए, ताकि लोगों में विश्वास पैदा किया जा सके। खासकर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएं।
जुत्शी ने इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। डीईओ ने मुख्य चुनाव अधिकारी (जेएंडके) उमंग नरूला, तमाम जिला चुनाव अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों और जनरल आब्जर्वर के साथ मैराथन बैठकें कीं।
डीईसी जुत्शी ने रियासत में स्वच्छ वातावरण में चुनाव करवाने के लिए रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने डीईओ, एसएसपी और आब्जर्वरों को आपसी तालमेल के साथ काम कर चुनाव को कामयाब बनाने को कहा। चुनाव की तमाम तैयारियां समय से पहले करने को कहा। माडल कोड आफ कंडक्ट पर उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के तमाम दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
रियासत के बाढ़ प्रभावितों के बीच राहत बांटने और पुनर्वास के संबंध में उन्होंने कहा कि आयोग ने पहले ही इसमें छूट दे रखी है। उन्होंने तमाम डीईओ और एसएसपी को कहा कि चुनावी गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर रोजाना मीडिया से रूबरू हों, ताकि शांतिपूर्वक मतदान प्रक्रिया पूरी की जा सके।
डीईसी ने पहले और दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों पर संतोष जताया। इससे पहले जुत्शी और नरूला ने एडीजीपी (चुनाव के नोडल अफसर), सीआरपीएफ के आईजीपी, कश्मीर और जम्मू के आईजीपी से अलग-अलग बैठकें की और मतदान के सुचारु आयोजन पर की गई तैयारियों की रिपोर्ट हासिल की।