दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सीआरपीएफ की क्रॉस फायरिंग में मारे गए युवक शाहिद अहमद की घटना की मुख्य धारा के राजनीतिक दलों ने निंदा करते हुए जांच कराने की मांग की है। नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा कि पहले शूट की नीति लोगों को और दूर करेगी।
उन्होंने लिखा युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उसके बैग मेें कोई हथियार या विस्फोटक नहीं था वह फल और सब्जियां ले जा रहा था। पहले शूट की यह नीति लोगों को और दूर करेगी। उमर ने कहा कि कश्मीर के लोगों या युवाओं से दोस्ती करने का यह कोई तरीका नहीं है। वह शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी का जिक्त्रस् कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कश्मीर के युवाओं से दोस्ती करना चाहते हैं।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह दुखद है कि सशस्त्र बल कश्मीर में इस तरह की छूट के साथ काम करते हैं। शोपियां में रविवार को सीआरपीएफ द्वारा कथित तौर पर एक और निर्दोष नागरिक की हत्या कर दी गई। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है।
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माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने अधिकारियों से इस जिम्मेदारी तय करने के लिए घटना की पूरी तरह से जांच करने को कहा। कहा, जिन परिस्थितियों में एक नागरिक की गोली मारकर हत्या की गई, उसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की।