जम्मू। भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह जम्मू के युवाओं से उमर सरकार को अन्याय नहीं करने देगी। साथ ही नई बस्ती के दुकानदारों को जल्द न्याय दिलाने के लिए भी पार्टी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। ये दोनों मुद्दे बुधवार को पार्टी मुख्यालय में विधायकों की बैठक में उठे। भाजपा ने तत्काल उमर सरकार से फैसले वापस लेने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि नायब तहसीलदार के पदों के लिए उर्दू भाषा को अनिवार्य किए जाने का पार्टी कड़ा विरोध करती है। यह जम्मू क्षेत्र के युवाओं को जानबूझ कर हाशिए पर ढकेलने का प्रयास है। बैठक के बाद अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा, महासचिव संगठन अशोक कौल समेत पार्टी विधायकों ने संयुक्त बयान जारी किया।
बयान में कहा गया, यह जम्मू के युवाओं को समान अवसरों से वंचित करने की एक सोची-समझी चाल है। उर्दू को थोपना उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपनाई गई विभाजनकारी और बहिष्कारकारी नीतियों को दर्शाता है। हम इस तरह के अन्याय की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह कदम डोगरी, हिंदी, कश्मीरी, उर्दू और अंग्रेजी समेत कई आधिकारिक भाषाओं को मिले समान दर्जे का स्पष्ट उल्लंघन है। इस बात पर भी जोर दिया गया कि राजस्व पासबुक पहले से ही तीन भाषाओं, यानी उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी में जारी की जाती हैं, जिससे उर्दू भाषा का ज्ञान अनिवार्य करना अनावश्यक और अनुचित है। पार्टी ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
नई बस्ती का मुद्दा भी उठा, वादों को पूरा करने की मांग
बैठक में नई बस्ती के दुकानदारों की दुर्दशा पर भी प्रकाश डाला गया, जो राजमार्ग विस्तार परियोजना के कारण विस्थापित हो रहे हैं। पार्टी ने प्रशासन से प्रभावित व्यापारियों के समुचित पुनर्वास के अपने वादे को पूरा करने का आग्रह किया। भाजपा नेताओं ने कहा, विकास कार्यों से प्रभावित लोगों की आजीविका की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है। मौजूदा प्रशासन की उदासीनता अस्वीकार्य है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित टोल प्लाज़ा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
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