जम्मू। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी ने फिर दोहराया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का अभिन्न अंग है। वहां के लोग भी भारत के साथ रहना चाहते हैं। लिहाजा पाकिस्तान को इसे तुरंत छोड़ देना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पारित 1994 का ऐतिहासिक संसदीय प्रस्ताव स्पष्ट करता है कि पीओके भारत का हिस्सा है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के झूठ को उजागर करता है। तथ्य यह है कि पड़ोसी मुल्क ने जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों पर अवैध कब्जा कर रखा है। मोदी सरकार ने भारत की क्षेत्रीय अखंडता व राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए लगातार कड़े कदम उठाए हैं। पीओके वापस लेने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा, भारत हमेशा पाकिस्तान के साथ शांति चाहता था, लेकिन उसने हमेशा पीठ में छुरा घोंपा। संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और क्षेत्र में आतंकवाद व अस्थिरता को बढ़ावा दिया। फरवरी, 2019 का पुलवामा आतंकी हमला पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों द्वारा प्रायोजित था। जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार सर्जिकल स्ट्राइक की। संदेश दिया कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और पाकिस्तान की ओर से उत्पन्न खतरों का निर्णायक जवाब देने में संकोच नहीं करेगा। मोदी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका को मान्यता देने के लिए राजी कर लिया है, जिससे वैश्विक मंच पर पाकिस्तान और भी अलग-थलग पड़ गया है।