अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पर्यटन को कश्मीर में सुरक्षा स्थिति से अलग किया जाना चाहिए, क्योंकि घाटी में पर्यटकों का आगमन सामान्य स्थिति का आकलन करने के लिए सही पैरामीटर नहीं है। सोमवार को बडगाम में प्रेसवार्ता के दौरान बारामुला सीट से चुनाव लड़ रहे उमर ने कहा कि घाटी में स्थिति सामान्य नहीं है। शोपियां में पूर्व सरपंच और अनंतनाग में पर्यटक दंपती पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा, हम कहते रहे कि स्थिति सामान्य नहीं है। आतंकियों ने लगातार यह साबित किया कि वे जब चाहें तब हमला कर सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार हर बार कश्मीर में सामान्य स्थिति की बात कर पर्यटकों को खतरे में डाल देती है। जब वह 2009-14 तक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तो उन छह वर्षों में भी पर्यटक घाटी में आए, लेकिन हमने कभी नहीं कहा कि लाखों पर्यटक यहां आए और इसलिए सब कुछ सामान्य है। हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि पर्यटक यहां आएं, अपनी छुट्टियों का आनंद लें और फिर सुरक्षित निकल जाएं। नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को जम्मू-कश्मीर में सुधार के दावे नहीं करने चाहिए, क्योंकि कानून-व्यवस्था में थोड़े सुधार का श्रेय यहां के लोगों को जाना चाहिए। उमर ने कहा कि कई इलाकों में मतदान की रिपोर्ट बहुत अच्छी थी। लोग बड़ी संख्या में मतदान कर रहे हैं और हम उनसे यही उम्मीद करते हैं। एक राजनेता के रूप में मैं चाहता हूं कि अधिक से अधिक लोग अपना वोट डालें।