पाकिस्तान के एनएसए से हुर्रियत नेताओं की प्रस्तावित मुलाकात और दोनों देशों के बीच एनएसए वार्ता पर मंडरा रहे संकट के बादल पर सियासत गरमा गई है। मुलाकात पर भाजपा तथा हिंदूवादी संगठन मुखर हो गए हैं तो घाटी में इस मुद्दे पर लामबंद लोगों ने सरकार पर अड़ंगेबाजी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर विरोध जताया।
नेकां ने अलगाववादियों से पाकिस्तानी एनएसए से दूरी बनाए रखने की अपील की है। रियासत सरकार पहले ही कह चुकी है कि अलगाववादियों की मुलाकात से सरकार को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। इससे जम्मू से लेकर श्रीनगर तक इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
अलगाववादियों की पाक एनएसए से मुलाकात का विरोध करने वाले भाजपा तथा हिंदूवादी संगठनों का तर्क है कि इस मुलाकात से केवल घाटी में देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रियासत की अमन-शांति में खलल उत्पन्न होगा।
जानबूझ कर कश्मीर मसले को उठाकर अंतरराष्ट्रीय फोरम पर इसे तूल देने की कोशिश की जाएगी। इस कोशिश के खिलाफ मुखर लोगों ने जम्मू और आरएस पुरा तथा आसपास के जिलों में विरोध प्रदर्शन कर अलगाववादियों तथा पाकिस्तान के झंडे फूंके।