रियासत की सियासत में एक चतुर और शिष्ट राजनीतिज्ञ की छवि वाले मुफ्ती मोहम्मद सईद को दूसरी बार जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ है। कश्मीर की राजनीति में दो दशकों से अहम भूमिका अदा करने वाले सईद ने भाजपा के साथ एक नाजुक गठबंधन बनाने के काम को कुशलता से पूरा किया।
कश्मीर के बिजबेहाड़ा में 12 जनवरी 1936 में जन्मे मुफ्ती को देश का पहला मुस्लिम गृहमंत्री बनने का गौरव हासिल है। उनकी साफ छवि को देखते हुए वीपी सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उनकी बेटी रूबिया की रिहाई के बदले पांच आतंकियों को रिहा करने की मांग स्वीकार कर ली थी।
रूबिया की रिहाई के मामले से जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य की राजनीति में दूरगामी प्रभाव पड़ा। 2 दिसंबर 1989 को केंद्र में नेशनल फ्रंट की सरकार बनने के पांच दिन बाद ही उनकी बेटी का आतंकियों ने अपहरण कर लिया था।