जम्मू। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डोमिसाइल एक्ट की अधिसूचना जम्मू-कश्मीर में नए युग की निशानी है। इतिहास की गंभीर विफलता को 70 वर्ष बाद जम्मू-कश्मीर डोमिसाइल नियम अधिसूचना के साथ सुधार गया है। डॉ. जितेंद्र ने कहा कि यह एक विसंगति थी, जिसे सुधारने की जरूरत थी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन पीढ़ियों के लोगों को न्याय और सम्मान के साथ जीने के अधिकार से वंचित कर दिया गया था। वर्षों तक भेदभाव का शिकार रहे गुलाम कश्मीर के विस्थापितों को भी अधिकार दे दिए गए हैं। अब इसका विरोध भी कुछ लोग कर रहे हैं और विरोध करने वाले वही लोग हैं, जो 70 वर्षों की भेदभाव की राजनीति के कारण सत्ता में रहे थे। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि आईएएस और आईपीएस सहित अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी जिन्होंने अपने जीवन के 30 से 35 वर्ष जम्मू-कश्मीर की सेवा में समर्पित कर दिए थे, उन्हें रिटायरमेंट पर प्रदेश को छोड़ना पड़ता था। उन्होंने कहा कि कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यवस्था के विपरीत, जहां राज्य कैडर के अधिकारियों को न केवल बसने की अनुमति है, बल्कि उन्हें इसके लिएज जमीन भी दी जाती है। इन अधिकारियों के बच्चों के साथ भी घोर अन्याय हो रहा था, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपनी पूरी स्कूली शिक्षा हासिल की, लेकिन उच्च शिक्षण संस्थानों में आवेदन करने से वंचित रह गए।