कठुआ, उधमपुर और जम्मू के बाद अब सांबा नगर परिषद में भी भाजपा को झटका लगा है। सांबा नगर परिषद के 17 पार्षदों में से नौ पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए हैं। मंगलवार को पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव की प्रति कार्यकारी अधिकारी (ईओ) को सौंप कर भाजपा नेता परिषद अध्यक्ष पवन कोहली के खिलाफ फ्लोर टेस्ट की मांग कर दी।
दिलचस्प है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले नौ पार्षदों में से दो भाजपा से संबंधित हैं। एक ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता है, वहीं एक को भाजपा में शामिल किया गया है। इनमें से एक पार्षद के परिवार के सदस्य तो भाजपा के साथ चल रहे हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव में उन्होंने भी दस्तखत कर दिए हैं। उधर, अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने से भाजपा खेमे में खलबली मच गई है। कुछ नेता फ्लोर टेस्ट की नौबत टालने के लिए भाजपा से जुडे़ पार्षदों पर दबाव बना कर उन्हें नाम वापस लेने को कह रहे हैं।
पार्षद बोले- विकास में बाधा बने अध्यक्ष, बदलना जरूरी
पार्षद महेश्वर राज ने कहा कि विपक्ष के पार्षदों के विकास के फंड काटे जा रहे हैं। उनके वार्ड में विकास कार्यों को रोक दिया गया है। पार्षद कुमेर सिंह के अनुसार जब वह कोई योजना बनाते हैं तो उनके वार्ड की योजना पर अमल ही नहीं किया जाता है। पार्षद रवि खजूरिया के अनुसार नगर परिषद के अध्यक्ष ने विकास को रोक दिया है। उन्हें ऐसा अध्यक्ष नहीं चाहिए। इसको लेकर उन्होंने मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव की एक कॉफी ईओ को सौंप दी है। ताकि फ्लोर टेस्ट कराया जाए।
तीन माह पहले गई थी उपाध्यक्ष की कुर्सी
वर्ष 2018 में नगर परिषद के 17 वार्ड के लिए चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस के साथ समझौता कर भाजपा के पवन कोहली को अध्यक्ष और कांग्रेस के कुमेर सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया। कुछ दिन तक तो सब कुछ ठीक चला। तीन माह पूर्व भाजपा ने एक महिला पार्षद को भाजपा में शामिल करा कर उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर फ्लोर टेस्ट करवाया, जिसमें कांग्रेस के कुमेर सिंह को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
14 अप्रैल 2022 में नपा के 14 पार्षदों ने अध्यक्ष पवन कोहली के खिलाफ हस्ताक्षर कर ईओ को कॉपी सौंपी कि फ्लोर टेस्ट कराया जाए। इसमें भाजपा के भी पार्षद शामिल रहे। भाजपा हाई कमान के दबाव में आकर 9 पार्षदों ने 15 अप्रैल को ही अपने नाम वापस ले लिए, जिसमें पवन कोहली की कुर्सी बच गई।
कहीं कठुआ जैसे हालात न बन जाएं
सांबा नगर परिषद में 17 वार्ड हैं। इसमें भाजपा के 8 पार्षद हैं, कांग्रेस के दो, निर्दलीय 7 पार्षद हैं। परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इसमें फिलहाल दो ही दावेदार हैं। एक भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले बाबू ताराचंद व एक निर्दलीय उम्मीदवार माहेश्वर राज हैं। अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है, क्योंकि भाजपा हाई कमान ने भी सांबा नगर परिषद के पार्षदों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उन्हें डर है कि कहीं कठुआ जैसे हालात न बन जाएं। क्योंकि अभी एक वर्ष का कार्यकाल बचा हुआ है।
अध्यक्ष बोले - अनगिनत विकास कार्य करवाए
नगर परिषद के अध्यक्ष पवन कोहली ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अनगिनत विकास कार्य कराए हैं। परिषद के लिए नया कांप्लेक्स बनाने के लिए पांच करोड़ के फंड उपलब्ध कराए हैं। कुछ दिनों में विकास काम शुरू कर दिया जाएगा इसमें नीचे पार्किंग व प्रथम तल पर कार्यालय व दुकानें बनाई जाएंगी।
पाषर्दों द्वारा भेजे गए अविश्वास प्रस्ताव को निदेशक लोक बॉडीज को भेज दिया है। अब वहीं से इस बारे में अगली कार्यवाही तय होगी।
- अमित चौधरी, ईओ नगर परिषद सांबा।