जम्मू एंड कश्मीर एग्रीकल्चरल टेक्नोक्रेट्स एसोसिएशन (रहबर-ए-जरात) के सदस्यों ने सोमवार को प्रेस क्लब के बाहर इंसाफ रैली निकाली तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें रैली निकालने से रोक दिया।
इंसाफ रैली में शामिल हुए सदस्यों ने संभाग के रहबर-ए-जरात सदस्यों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के प्रधान डा. सुरिंद्र रडोत्रा ने कहा कि संभाग के विधायकों और मंत्रियों ने संभाग के युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर अपनी आवाज को बुलंद नहीं किया है।
उद्घाटन करने में व्यस्त रहते हैं मंत्री
उन्होंने कहा कि संभाग के लोग इन विधायकों और मंत्रियों से शहर की गलियों और नालियों का उद्घाटन नहीं, बल्कि जम्मू के युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म करने की उम्मीद कर रहे हैं।
इस मौके पर रडोत्रा ने कहा कि कश्मीर संभाग के रहबर-ए-जरात को नियमित करने का आदेश दे दिया गया, जबकि संभाग के रहबर-ए-जरात के लिए कोई भी कार्य नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रेस क्लब से ज्यूल चौक तक इंसाफ रैली निकालने का प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की होने के कारण प्रदर्शनकारी रैली बाहर नहीं निकाल पाए।
मांगें पूरी न होने पर जम्मू बंद करने की दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि अगर राज्य सरकार संभाग के रहबर-ए-जरात की मांगों को पूरा नहीं करती है तो वह आगामी विधानसभा सत्र के दौरान जम्मू बंद का आह्वान करेंगे। एसोसिएशन के प्रदर्शन के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहुंचकर अपना समर्थन देने की बात कही।
इस मौके पर भाजपा के युद्धवीर सेठी, पीडीपी के भारत चौधरी, युवा कांग्रेस दल के प्रणव शगोत्रा, पैंथर्स पार्टी के बलवंत सिंह मनकोटिया और अन्य नेताओं ने पहुंचकर एसोसिएशन की मांगों को पूरा करने की अपील की।