बदलते माहौल के साथ रियासत के पुलिस थानों को आधुनिक करने की कवायद भी शुरू हो गई है। पुलिस के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर डीजीपी के राजेंद्रा कुमार ने जोर देने को कहा है।
उन्होंने कहा कि जांच और अपराध का पता लगाने के तरीकों में बदलाव लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।
डीजीपी बुधवार को पुलिस हेडक्वार्टर में ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम’ (सीसीटीएनएस) की राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में उच्च पुलिस अफसरों के अलावा बीएसएनएल और नेशनल इंफोरमेटिक सेंटर (एनआईसी) के अधिकारियों ने भाग लिया। डीजीपी ने कहा कि रियासत में सीसीटीएनएस के कामकाज का जायजा लेकर इसे लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
डीजीपी ने पुलिस थाना स्तर पर कार्य करने के लिए तमाम एजेंसियों को आपसी तालमेल से प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने रियासत में पुलिस के कामकाज का स्तर ऊंचा करने के लिए परियोजना को पूरा करने को कहा।
सीसीटीएनएस परियोजना के तहत पहले चरण में 247 स्थानों को हाइटेक किया जाएगा। इनमें 190 थाने और 67 एसडीपीओ कार्यालय होंगे। दूसरे चरण में 25 पुलिस थानों को आधुनिक बनाया जाएगा।
पिछले दस वर्षों के 2.48 लाख रिकार्ड में से 1.87 लाख रिकार्ड पहले ही क्राइम क्रिमिनल इंफोरमेशन सिस्टम (सीसीआईएस) और कामन इंटिग्रेटेड पुलिस एप्लीकेशन (सीआईपीए) से हटा लिया गया है। शेष रिकार्ड के लिए मैनुअल रजिस्टरों को स्कैन कर डिजिटलाइज किया जा रहा है।
राजेंद्रा ने कहा कि परियोजना पर प्रभावशाली ढंग से काम के लिए पुलिस कर्मियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी है। डीजीपी को सूचित किया गया कि रियासत के 119 थानों में सीसीटीएनएस के मार्फत सक्रिय रूप से डाटा फीड किया जा रहा है और तमाम पुलिस थानों को इसी के जरिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब तक 13,060 एफआईआर, 621 केस डायरी के अलावा 8,968 आपराधिक जानकारियां सीसीटीएनएस में दर्ज की जा चुकी हैं। बैठक में आईजीपी (क्राइम) मुनीर अहमद खान ने विस्तारपूर्वक पावर प्रेजेंटेशन दिया।