जम्मू। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में शक्ति उदघोष फाउंडेशन एवं सेवा भारती द्वारा संचालित प्रोजेक्ट वीरांगना लगातार आगे बढ़ रहा है। मई से शुरू हुए विशेष आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को एक माह पूरा होने वाला है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 50 महिला अभ्यर्थी जम्मू में रहकर कांस्टेबल बनने की तैयारी कर रही हैं।
बनी, कठुआ, रामबन, राजोरी, पुंछ, उधमपुर, रियासी, सांबा, डोडा और भद्रवाह सहित विभिन्न क्षेत्रों की युवतियों को तीन माह तक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। छात्रावास में शारीरिक प्रशिक्षण, मानसिक परामर्श और शैक्षणिक तैयारी करवाई जा रही है।
प्रोजेक्ट वीरांगना का उद्देश्य आर्थिक कमजोर परिवारों की बेटियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। कन्वीनर प्रीति चौधरी के अनुसार संस्था लगभग पांच वर्ष से महिलाओं के उत्थान और सशक्तीकरण के लिए कार्यक्रम चला रही है। प्रशिक्षण सुरक्षित वातावरण में दिया जा रहा है। आगामी सत्रों में भी अधिक अभ्यर्थियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। अनुशासन, फिटनेस और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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रहने, खाने और प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था निशुल्क है। कमजोर आर्थिक स्थिति के परिवारों की युवतियों के लिए पहल वरदान से कम नहीं है।
- अबिश, कठुआ
तीन महीने का आवासीय प्रशिक्षण लाभदायक साबित हो रहा है। सुबह-शाम ट्रेनिंग और दोपहर में लिखित परीक्षा कराई जा रही है जिससे लक्ष्य पर पूरा फोकस है।
- अनुराधा, रियासी
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शहर और दूरदराज से अभ्यर्थी साथ ट्रेनिंग करती और रहती हैं जिससे अनुभव भी साझा होते हैं। ट्रेनिंग में भी मदद मिलती है।
- भारती, बनी
पहली बार प्रोजेक्ट वीरांगना का हिस्सा बनी हूं। इससे पहले बहन ने भी यहां रहकर सब इंस्पेक्टर भर्ती की तैयारी की थी। सुविधाएं और प्रशिक्षण व्यवस्था अच्छी है।
- सलोनी, डोडा