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आतंक पर प्रहार: बडगाम में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, दो आतंकवादी और चार मददगार गिरफ्तार

Tue, 20 Jul 2021 01:06 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाए गए संयुक्त अभियान में एक आतंकी और चार आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया है।
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सुरक्षाबल, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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घाटी में सुरक्षा बलों को आतंक के मोर्चे पर सोमवार को दोहरी कामयाबी हाथ लगी। शोपियां में रात भर चली मुठभेड़ में लश्कर-ए-ताइबा कमांडर समेत दो आतंकियों को मार गिराया गया। जबकि बडगाम में लश्कर के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए एक आतंकी और उसके चार मददगारों को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों घटनाओं में दो एके 47, एक चीन निर्मित पिस्टल, दो ग्रेनेड व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। इस दोहरी कामयाबी से दहशतगर्दों की साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। 

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रविवार देर रात को शोपियां जिले के चक-ए-सादिक खान इलाके में सुरक्षाबलों को आतंकियों के छुपे होने की सूचना मिली। इसके आधार पर सेना की 34 राष्ट्रीय राइफ ल्स, सीआरपीएफ  और एसओजी ने एक साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया। घेरा सख्त होने पर आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग की। उन्हें कई बार आत्मसमर्पण का मौका दिया गया लेकिन वह नहीं माने और जवानों पर फ ायरिंग करते रहे। इसका जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया जिससे भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। रात भर जारी रही इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। पुलिस ने बताया कि मारे गए दोनों आतंकी लश्कर के थे। इनकी शिनाख्त हेफ शिरमाल शोपियां के इश्फ ाक अहमद डार उर्फ अबु अकरम और मेलीबाग इमाम साहिब शोपियां के माजिद इकबाल भट के तौर पर हुई है। इशफाक लश्कर का टॉप कमांडर था और वर्ष 2017 से सक्रिय था। इसका मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। पुलिस ने बताया कि दोनों दहशतगर्द कई आतंकी घटनाओं में शामिल थे। उनके पास से 2 एके-47 राइफ ल और 8 मैगजीन के अलावा अन्य हथियार बरामद हुए हैं। 




सोशल मीडिया से पाकिस्तान में अपने आकाओं के संपर्क में थे मददगार
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-ताइबा के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफ ोड़ कर एक स्थानीय आतंकवादी और उसके चार मददगारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आतंकी व मददगार सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान स्थित अपने आकाओं और घाटी में सक्रिय कमांडरों के संपर्क में थे।
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पुलिस के अनुसार एक इनपुट के आधार पर बडगाम पुलिस ने सेना की 53 राष्ट्रीय राइफ ल्स और सीआरपीएफ  की 43 बटालियन के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया जिसमें उन्होंने लश्कर के एक स्थानीय आतंकवादी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक चीनी  पिस्तौल, एक मैगजीन, आठ कारतूस सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद किया। उसकी पहचान चून बडगाम निवासी मोहम्मद यूनिस मीर के रूप में हुई है। आतंकवादी से पूछताछ के आधार पर बडगाम पुलिस ने चार मददगारों को भी गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री और दो ग्रेनेड बरामद किया गया। इनकी पहचान कुलबुग बडगाम के इमरान जहूर गनी, ओमपोरा बडगाम के उमर फारूक वानी और चून बडगाम के फैजान कयूम गनी और शाहनवाज अहमद मीर के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार मददगार बडगाम के विभिन्न क्षेत्रों में आतंकी संगठन लश्कर के सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, आश्रय, रसद और अन्य सामग्री मुहैया कराते थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अबु अकरम आतंकी बनने से पहले था पुलिस कर्मी
शोपियां मुठभेड़ में मारा गया आतंकी इशफाक डार उर्फ अबु अकरम वर्ष 2017 में लश्कर में शामिल हुआ और अब लश्कर का टॉप कमांडर था। वह जम्मू कश्मीर पुलिस में कांस्टेबल था और आतंकी बनने से पहले जम्मू संभाग के कठुआ में तैनात था। वह 10 दिन की छुट्टी पर घर आया था। उसे 23 अक्तूबर को लौटकर रिपोर्ट करना था। लेकिन उसने रिपोर्ट नहीं की और आतंकी संगठन में शामिल हो गया। वह कई नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की हत्या में शामिल था। युवाओं को आतंकवाद में शामिल करने के लिए अहम भूमिका निभा रहा था। पुलिस के अनुसार 11 दिसंबर 2018 को जैनापोरा में अल्पसंख्यक सुरक्षा पोस्ट पर हमले के पीछे इसका हाथ था। इस घटना में 4 पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। शोपियां में 24 अक्टूबर 2019 को गैर रियासती ट्रक चालकों की हत्याओं के पीछे भी इसका हाथ था। इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं को इशफाक अंजाम दे चुका था।
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