केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए पीओजेके रिफ्यूजियों ने सोमवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकारें उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है।
उनके बच्चों को नौकरियों में आरक्षण नहीं मिल रहा है। उन लोगों को राज्य के बाशिंदे होने का अधिकार भी अब तक नहीं मिल पाया है। संगठन ने प्रधान युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन कर उन्होंने सरकार के उदासीन रवैये पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि वे लोग कस्टोडियन के जिन घरों में रहते हैं, उनका किराया सरकार वसूलती है, जबकि सरकार को उन्हें उन घरों का मालिकाना हक सौंपना चाहिए। संगठन ने बुजुर्गों, बच्चों और विधवाओं के लिए पेंशन का भी अधिकार मांगा।
उन्होंने कहा कि वे लोग पाक अधिकृत कश्मीर में अपनी संपत्ति छोड़कर आए हैं। इसलिए उन्हें उसके बदले जमीन के साथ-साथ पच्चीस लाख रुपये भी दिए जाएं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से उनके बच्चों को व्यावसायिक कालेजों, शैक्षणिक संस्थानों और नौकरियों में आरक्षण देने की मांग की।
संगठन ने कहा है कि अगर राज्य सरकार एससी और एसटी तथा पहाड़ी भाषी लोगों को आरक्षण दे सकती है तो उन लोगों का भी अधिकार बनता है।