सांबा। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव से पूर्व परिसीमन आयोग की सिफारिश में प्रस्तावित सांबा जिले की रामगढ़ सीट के लिए राजपुरा तहसील व सांबा ब्लाक की बीडीडीसी क्षेत्र को जोडे़ जाने से राजपुरा के लोगों में विरोध होना शुरू हो गया है। इसी संदर्भ में राजपुरा के राम मंदिर में रविवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बैठक कर राजपुरा को रामगढ़ के साथ जोडे़ जाने का विरोध किया।
बैठक में नेताओं ने कहा कि पहले जिला कठुआ की विधानसभा सीट हीरानगर के साथ थी। जब सांबा को जिले का दर्जा दिया गया तो राजपुरा व घगवाल को सांबा के साथ जोड़ा गया, जबकि विधानसभा क्षेत्र हीरानगर ही रहा। अब जैसे कि उन्हें पता चला है कि परिसीमन आयोग के प्रस्तावित विधानसभा सीट रामगढ़ के साथ राजपुरा तहसील को जोडे़ जाने की अटकलें हैं। जो राजपुरा के लोगों को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्होंने केंद्रीय पीएमओ मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को भी अपनी समस्या से अवगत कराया है। वहीं यदि सरकार ने राजपुरा को रामगढ़ के साथ जोड़ा तो राजपुरा के लोग चुनाव का बहिष्कार तक कर देंगे।
इस अवसर पर डीडीसी सदस्य आशा रानी, बीडीसी अध्यक्ष राधा कृष्ण, सरपंच सुरेश बसोत्रा, चक दुल्मा के सरपंच विनय शर्मा, नायब सरपंच पुरुषोत्तम शर्मा व अन्य उपस्थित थे।