आरएस पुरा। किसान नेता चौधरी मोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश के विकास तथा बेहतरी के लिए कोई भी विशेष पैकेज जारी नहीं किया है।
सोमवार को कस्बे में आयोजित प्रेसवार्ता में किसान नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि प्रदेश के लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान प्रदेश का पूर्ण राज्य का दर्जा देने की घोषणा करने के साथ-साथ विधानसभा चुनाव जल्द कराने की बात करेंगे, लेकिन अपने भाषण में इन मुद्दों पर चर्चा तक नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बेरोजगार युवा इस आस में था कि प्रधानमंत्री विशेष रोजगार पैकेज देने की घोषणा करेंगे तथा विभिन्न विभागों में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की घोषणा करेंगे, लेकिन दुख की बात है कि इस पर कुछ नहीं कहा। चौधरी ने कहा कि पल्ली पंचायत को छोड़कर अन्य पंचायतें आज तक विकास से काफी पिछड़ी हुई हैं। सरकारी योजनाएं कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत की तरफ से जो सूची संबंधित विभाग को भेजी गई है, उनमें कई लोगों के नाम तक नहीं।
सरपंचों-पंचों की वेतन बढ़ाने को लेकर भी कोई बात नहीं की गई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी प्रदेश के लोगों के हाथ निराशा ही लगी है। प्रेसवार्ता में मूल सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री के आगमन से युवाओं को हुई निराशा
बेरोजगारों के लिए नहीं की गई किसी पैकेज की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू आगमन के दौरान बेरोजगारों के लिए पैकेज की घोषणा नहीं करने से क्षेत्र के युवाओं में निराशा है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनसभा में युवाओं को रोजगार या नौकरियों की घोषणा किए जाने की पूरी उम्मीद थी, मगर ऐसा नहीं होने से भविष्य की चिंता सताने लगी है।
बीटेक होल्डर अभिषेक कुमार ने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में बेरोजगार युवाओं को पूरी उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री क्षेत्र के युवाओं को सरकारी और निजी रोजगार के लिए पैकेज की घोषणा करेंगे, मगर यह कदापि नहीं हुआ। इससे बेरोजगार युवाओं में निराशा है। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में प्रधानमंत्री से बेरोजगारों को रोजगार के लिए बड़ी उम्मीद थी।
एमए उत्तीण ज्योति देवी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने के बाद युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरी कमी के चलते बदहाली का जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। राज्य में लाखों की संख्या में पढ़े लिखे युवाओं को रोजगार की आस थी, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के लिए नौकरी पैकेज की घोषणा नहीं करने पर निराशा रही।
बेरोजगार अश्विनी कुमार ने बताया कि सरकारी नौकरी की आस पर अब आयु भी बढ़ती जा रही है, मगर केंद्र सरकार द्वारा पैकेज की घोषणा कर लिए प्रधानमंत्री से जम्मू आगमन के लिए आस बंधी थी, मगर किसी प्रकार की घोषणा नहीं होने से भविष्य अंधकार में बढ़ता नजर आ रहा है।