आरएस पुरा। परिसीमन आयोग द्वारा काफी माथा पच्ची के बाद जम्मू-कशमीर में पुनर्गठन के लिए सीटों में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव पेश कर दिया गया। इसमें जम्मू जिले की अनदेखी की गई। समाजसेवी अजय कुमार का कहना है कि एससी 9 व एसटी की 7 सीटें करने पर कुल 16 सीटों का प्रस्ताव पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोगों की अनदेखी करने के साथ आरएस पुरा में पहले की तरह 2 सीटें ही रखी गईं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि आरएस पुरा में एक सीट की बढ़ोतरी करने के साथ राज्य में दो सीटें पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए रखी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कशमीर को यूूूटी बनाए जाने के बाद भी पिछड़ा वर्ग के लोगों को नौकरियों में आरक्षण नहीं दिया जा रहा।
कामरेड स्वरूप सिंह ने कहा कि जम्मू संभाग के लोगों की अनदेखी करने के साथ सिख समाज व पाक अधिकृत कश्मीर के विस्थापितों की अनदेखी की गई है। आयोग के सदस्यों से मिल पक्ष रखे जाने के बावजूद अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी वर्ग के लोगों को विधानसभा में प्रतिनिधि मिलना चाहिए था, पर ऐसा नहीं किया गया।
जम्मू-कशमीर पीपल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा का कहना है कि किस आधार पर नई सीटों का गठन किया गया। इसके बारे में अभी तक आयोग की ओर से कोई जानकारी नहीं मिल पाई। गांधी नगर विधानसभा सीट में दो लाख से अधिक मतदाता होने के साथ जम्मू तहसील के कई क्षेत्र होने पर गाडीगढ़, रोइ, खुशका, शेरगढ़, दढ़प जैैसे गांव हैं। भौगोलिक तौर पर मीरां साहिब क्षेत्र के साथ जुडे़ होने पर आरएस पुरा विधानसभा क्षेत्र से जोड़ा जा सकता है। आरएस पुरा के गांव के साथ जोड़ मीरां साहिब के साथ नया विधानसभा क्षेत्र बनाया जा सकता था, पर सिवाय अनदेखी के कुछ नहीं किया।
उन्होने कहा कि सांबा में एक नया विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है, पर मीरां साहिब क्षेत्र के लोगों की अनदेखी की गई, जो पहले से हो रही है।