शनिवार को कठुआ पहुंचे पीएमओ मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक डॉ. फारूक अब्दुल्ला के पीओके से संबंधित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि जो लोग पीओके पर आज नया राग अलाप रहे हैं, उन्हें यह भूलना नहीं चाहिए कि उन्हीं के प्रतिनिधियों ने संसद में पीओके को ‘पाकिस्तान का गैरकानूनी कब्जा’ से संबंधित प्रस्ताव का समर्थन किया था।
मंत्री ने कहा कि विवाद तो आज से 21 साल पहले उसी दिन बंद हो गया, जब सर्वसम्मति से भारत की संसद ने प्रस्ताव पारित किया गया था।
जिसमें उल्लेख किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच में जम्मू कश्मीर के संदर्भ में यदि कोई विषय बाकी है तो मात्र इतना कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर का हिस्सा पाकिस्तान के गैर कानूनी कब्जे में है।
उसे छुड़ाकर जम्मू कश्मीर में किस तरह सम्मिलित किया जाए, इस प्रस्ताव को पारित करने में हर राजनीतिक दल ने समर्थन दिया था। संसद में नेशनल कांफ्रेस के प्रतिनिधियों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।