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JK: भाजपा-पीडीपी गठबंधन पर मोदी की मुहर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा-पीडीपी की गठबंधन सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) पर मुहर लगा दी है। मोदी की हरी झंडी के बाद दोनों दलों में औपचारिक बातचीत जल्द शुरू होने की संभावना है।
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गठबंधन के तमाम पेच सुलझ जाने के बाद पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद  सर्दियों की छुट्टी बिताने के लिए मुंबई पहुंच गए हैं। मुफ्ती हर साल सर्दियों में एक सप्ताह के लिए मुंबई जाते हैं। इस बार सरकार गठन पर चल रही अनौपचारिक बातचीत के कारण मुफ्ती की छुट्टियां देर से शुरू हुईं हैं।

भावी गठबंधन सरकार के लिए भाजपा महासचिव राम माधव और पीडीपी नेता डॉ. हसीब द्राबू ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद अनौपचारिक वार्ता में मार्गदर्शक की भूमिका में रहे।
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शाह और मुफ्ती ने गतिरोध समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई। न्यूनतम साझा कार्यक्रम में विवादास्पद मुद्दों के लिए कोई जगह नहीं है। अनुच्छेद 370 पर भाजपा का दृष्टिकोण पीडीपी के ठीक उलट रहा है।


हालांकि, कश्मीर में वोट बैंक की तलाश के क्रम में भाजपा ने चुनाव के दौरान भी इस मुद्दे पर खामोशी ही कायम रखी थी लेकिन, अब इस चुप्पी की झलक दस्तावेजों में भी दिखेगी। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति दे दी है।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम में अफस्पा का भी जिक्र नहीं होगा

न्यूनतम साझा कार्यक्रम में अफस्पा का भी जिक्र नहीं होगा। हालांकि, पीडीपी अफस्पा की वापसी के स्टैंड पर कायम रहेगी। यूपीए सरकार ने अफस्पा की लंबे अंतराल में क्षेत्रवार वापसी की नीति अपनाई थी, लेकिन, उसे धरातल पर नहीं उतारा गया।

श्रीनगर से सेना के कुछ बंकर जरूर हटाए गए थे। लेकिन, आतंकी घटनाएं बढ़ने पर फिर से नए बंकर बन गए। लिहाजा, इस बार भी अफस्पा का मुद्दा सेना और सुरक्षा बलों की जरूरतों के हवाले छोड़ा जा रहा है। पीडीपी का स्टैंड है कि रियासत को फौजी कानून के हिसाब से नहीं चलाया जाना चाहिए।

इन मुद्दों को दरकिनार कर संतुलित विकास को न्यूनतम साझा कार्यक्रम का आधार बनाया गया है। टेबल पर अधिकृत बातचीत दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद ही शुरू होने की संभावना है। मुफ्ती मोहम्मद सात फरवरी के बाद ही छुट्टियां बिताकर मुंबई से लौटेंगे। इस बीच, भाजपा के राम माधव और पीडीपी के डॉ. द्राबू में लगातार संपर्क बना हुआ है।
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महबूबा ने संभाली राज्यसभा चुनाव की कमान

मुफ्ती के मुंबई जाने के बाद पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राज्यसभा चुनाव की कमान संभाल ली है। भाजपा की ओर से राम माधव इस मोर्चे को संभाल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को विधायकों से संपर्क के लिए तैनात किया गया है।

पीडीपी और भाजपा गठबंधन ने संयुक्त रणनीति के तहत कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद की मुश्किलें बढ़ा दीं हैं। महबूबा के साथ डिनर में पीडीपी विधायकों के अलावा निर्दलीय विधायक बकीर रिजवी भी शामिल हुए।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खेमे को झटका लगा है और आजाद का वोट बैंक खिसका है। विधायक हकीम यासीन और इंजीनियर रशीद का झुकाव भी पीडीपी की ओर बढ़ रहा है।
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