रविवार को घाटी में जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण हाईवे पर कई बार ट्रैफिक रोकना पड़ा। इससे दिनभर लंबा जाम लगा रहा और हाईवे पर ट्रैफिक रेंगता रहा। बर्फबारी होने के चलते दोपहर एक बजे श्रीनगर से हाईवे को बंद कर दिया गया था।
इसके अलावा जम्मू से भी शाम साढ़े पांच बजे के बाद वाहनों को हाईवे पर जाने की इजाजत नहीं दी गई। ट्रैफिक पुलिस अफसरों के मुताबिक सोमवार को हाईवे पर ट्रैफिक जारी रहने की सूरत में जम्मू से श्रीनगर की ओर वाहनों को रवाना किया जाएगा।
हालांकि, कहा गया है कि रात को अधिक बर्फबारी होने की सूरत में सोमवार को भूस्खलन और फिसलन की आशंका के चलते हाईवे को बंद भी किया जा सकता है। जम्मू संभाग के डोडा जिले में भी प्रशासन की ओर से हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
हिमस्खलन के डर से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
जिला उपायुक्त भूपेंद्र कुमार ने लोगों को एहतियात के तौर पर हिमस्खलन की आशंका वाले इलाकों के लोगों सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाने की अपील की है। साथ ही बर्फबारी के दौरान मकानों अथवा अन्य इमारतों की छतों से बर्फ न हटाने की चेतावनी भी जारी की है।
मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन तक मौसम खराब रहेगा। इस दौरान उच्च पर्वतीय इलाकों में बारिश, भारी बर्फबारी और मैदानों में तेज बारिश होने के आसार हैं। मंडलायुक्त कश्मीर रोहित कंसल ने बताया कि मौसम खराब होने के चलते सभी संबंधित विभागों और जिला उपायुक्तों को किसी भी स्थिति से निपटने अथवा लोगों को आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई सुनिश्चित बनाने के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कंसल ने कहा कि जम्मू-श्रीनगर हाईवे को सुचारु बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा अस्पतालों, पावर स्टेशनों और पानी की सप्लाई को बहाल रखने के लिए सभी सड़क मार्गों को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगर हाईवे बंद भी हो जाता है तो भी घाटी में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं हो पाएगी।
रविवार को घाटी में अनंतनाग, गुलमर्ग, पहलगाम और श्रीनगर में बर्फबारी हुई। घाटी में कुपवाड़ा में सबसे अधिक पांच इंच बर्फबारी हुई। जम्मू संभाग के किश्तवाड़, नत्थाटाप और जिला कठुआ के बिलावर और बनी से सटे पहाड़ी इलाकों में भी बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कश्मीर में बर्फबारी की संभावना जताई है।