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कश्मीर हिंसा के दौरान 12000 से ज्यादा गिरफ्तारियां

Fri, 28 Oct 2016 12:34 AM IST
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
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घाटी में हिंसा - फोटो : PTI
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कश्मीर घाटी को एक बार फिर से हिंसा की आग में झोंकने की साजिश की जा रही है। अलगाववादियों के बंद के आह्वान को दरकिनार कर सुचारु कामकाज शुरू करने के प्रयासों को बौखलाए उपद्रवियों द्वारा भय और दहशत से दबाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। स्कूल फूंके जा रहे हैं।
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मंत्रियों के आवास और दुकानों पर हमले किए जा रहे हैं। सड़क पर चलने वाले सार्वजनिक वाहनों को फूंका जा रहा है ताकि लोगों में दहशत रहे। बंद के कैलेंडर का पूरी तरह से पालन हो।

सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इस बात के इनपुट मिल रहे हैं कि घाटी में अलगाववादियों के बंद के आह्वान से लोग आजिज आ चुके हैं। अब वे जल्द से जल्द सामान्य स्थिति की बहाली चाहते हैं, ताकि स्कूल-कालेज खुल सकें। कारोबार शुरू हो सके। पर्यटन उद्योग फिर से गुलजार हो सके। लोगों को रोजी रोजगार मिल सके।
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अमन पसंद लोग इनके लिए खलनायक बनते नजर आ रहे हैं। ऐसे में फिर से दहशत का माहौल बनाने के लिए लगातार हमले किए जा रहे हैं। ऐसे लोग चाहते हैं कि फिर से सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाए और किसी भी कीमत पर हिंसा की आग थमने न पाए।
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​अलगाववादियों के खिलाफ कई जगह हो चुके हैं प्रदर्शन

kashmir - फोटो : PTI
घाटी में पिछले लगभग चार महीनों में 12 हजार से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। इनमें 300 से ज्यादा लोगों को पीएसए में गिरफ्तार किया गया है। आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी का कहना है कि लगातार क्षेत्र में बारीक नजर रखी जा रही है। उपद्रवियों से सख्ती से निबटा जा रहा है। लगातार छापेमारी कर गिरफ्तारियां हो रही हैं। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

अलगाववादियों के खिलाफ घाटी में कई जगह प्रदर्शन हो चुके हैं। अनंतनाग में नागरिकों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि स्कूल-कालेज और दुकानें खुलें।

लोगों को रोजी रोजगार मिल सके। घाटी की छात्राओं ने भी सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने कारोबार शुरू करने के लिए प्रेस कालोनी में आवाज बुलंद की थी। 
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