डॉक्टर की लापरवाही के कारण पांच माह की मासूम रात भर दर्द से तड़पती रही। बेजुबान बच्ची की टांग टूटी थी दायीं पर प्लास्टर कर दिया गया था बायीं का।
इस मामले का खुलासा तो तब हुआ, जब दूसरे दिन दूसरे डॉक्टर ने उसकी जांच की। एक्स-रे देखने के बाद वह डॉक्टर भौचक्क रह गए। आनन-फानन में मासूम की टूटी टांग का प्लास्टर किया गया। डॉक्टर की इस लापरवाही से बच्ची के अभिभावकों ने रोष जताया।
हुआ यूं कि जिब निवासी सुदेश कुमार की पांच माह की बेटी सलौनी की एक दुर्घटना में दांयी टांग में चोट आई। उसे तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। आर्थोपेडिक ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे डॉ. विनीत ने एक्स-रे कराने को कहा।
बारह घंटों के बाद सुधारी भूल
एक्स-रे जांच होने के बाद सलौनी की दांयी टांग में फ्रैक्चर होने की पुष्टी हुई। डॉक्टर ने जल्द प्लास्टर करवाने की हिदायत दी। डॉक्टर के सहकर्मियों ने जल्दबाजी में सलौनी की बांयीं टांग पर प्लास्टर कर उन्हें घर भेज दिया। सलौनी के घरवाले अनपढ़ होने के कारण पूरे माजरे समझ नहीं पाए। घर में सलौनी पूरी रात दर्द से कराहती-चिल्लाती रही।
सलौनी के पिता सुदेश कुमार ने बताया कि अगली सुबह जब वह अस्पताल में सलौनी की जांच कराने पहुंचे तो उन्हें उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने सारी घटना के बारे में समझाया। बताया गया कि गलती से बच्ची की बायीं टांग पर प्लास्टर कर दिया गया है।
इस घटना की सूचना अस्पताल में आग की तरह फैल गई। लोगों की भीड़ जुट गई। बच्ची की मां पिंकी देवी ने रोते हुए बताया कि डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही के कारण बिना पढ़े-लिखे लोगों की जान जा सकती है।
डॉक्टर पहले बिफरे, फिर दी सफाई
घटना की खबर मिलते ही जांच करने वाले डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। पहले तो आते ही उसने सलौनी के घरवालों को डांटना शुरू कर दिया। डाक्टर ने घरवालों पर घटना को सनसनीखेज बनाने का आरोप लगाया।
बाद में डाक्टर ने अपनी सफाई भी दे डाली। उन्होंने कहा कि ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण कभी गलती हो सकती है। इस घटना से उन्होंने पूरी तरह अपना पल्ला झाड़ लिया।