कोविड-19 ने लोगों की जीवन शैली पर गहरा प्रभाव डाला है। कोविड के बाद लोगों को शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझना पड़ा है। खासतौर पर ऑनलाइन व्यवस्था में घंटों मोबाइल, लैपटॉप आदि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। इसमें सर्वाइकल, पीठ का दर्द, फ्रोजेन शोल्डर, घुटने का दर्द आदि समस्याओं ने घेरा है। इनसे छुटकारा पाने में फिजियोथेरेपी वरदान साबित हुई है। सरकारी व निजी फिजियोथेरेपी केंद्रों में बड़ी संख्या में लोगों को उपचार से राहत मिली है।
जीएमसी जम्मू की फिजियोथेरेपी सेक्शन में दैनिक 100 से 120 मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें 40 से 50 प्रतिशत मरीज सर्वाइकल और पीठ के दर्द से परेशान हैं। इनमें 15 से 35 आयु वर्ग के युवा अधिक प्रभावित हैं। इसके अलावा ऑनलाइन व्यवस्था में घंटों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़ने के कारण बच्चे भी प्रभावित हुए हैं।
कोविड के बाद खासतौर पर सर्वाइकल, पीठ का दर्द, घुटनों का दर्द, शोल्डर दर्द की समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इन मरीजों के इतिहास में पाया गया है कि इनमें अधिकांश मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दिन में घंटों जुड़े रहते थे। इससे उन्हें पीठ दर्द जैसी समस्याओं से ग्रस्त होना पड़ा है। इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग भी सर्वाइकल से तेजी से पीड़ित हो रहे हैं। फिजियोथैरेपी की सेक्शन में रोजाना ऐसे पांच से छह मरीज आते हैं।
कोविड से बदली लोगों की जीवन शैली
फिजियोथैरेपी सेक्शन में कार्यरत डॉ. बसंत स्याल ने बताया कि कोविड से लोगों की बदली जीवन शैली से उन्हें कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं हुई हैं। लेकिन अधिकांश समस्याओं से फिजियोथैरेपी से उन्हें राहत मिली है। फिजियोथेरेपी सेक्शन में मेडिसन, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पेडियाट्रिक्स, जिनेटिक्स, ऑंकोलॉजी, बर्न, सर्जरी, स्पोर्ट्स, गायनी, बैंकिंग आदि क्षेत्रों से जुड़े लोग फिजियोथैरेपी करवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
अधिकांश को बोला जाता है फिजियोथेरेपी के लिए
सेक्शन में कार्यरत डॉ. राकेश शर्मा कहते हैं कि अधिकांश दर्द से जुड़ी समस्याओं को फिजियोथेरेपी से ठीक किया जा सकता है। इस साल विश्व फिजियोथैरेपी दिवस का विषय जोड़ों की तकलीफ रखा गया है। जीएमसी के ऑर्थो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव गुप्ता कहते हैं कि कोविड-19 के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं के लिए फिजियोथेरेपी वरदान साबित हुई है। ऑर्थो विभाग में आने वाले अधिकांश मरीजों को फिजियोथेरेपी के लिए बोला जाता है।
खुद को ऐसे रखें फिट
- दिन में नियमित बॉडी मूवमेंट करें
- दैनिक दिनचर्या में नियमित व्यायाम करें
- मोबाइल लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इस्तेमाल करने के दौरान और 20 मिनट के अंतराल के बाद रेस्ट लें।
- बच्चों को जरूरत के मुताबिक ही मोबाइल का प्रयोग करने दें
- घंटों झुककर कोई काम न करें