जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सुप्रीमो यासीन मलिक को एक लाख यूएस डॉलर मामले में किसी तरह की रियायत नहीं देने पर जोर दिया है। क्राइम ब्रांच ने अर्जी देकर अपील की है कि 18 फरवरी 2014 को जारी किए गए उस आदेश को रद्द किया जाए, जिसमें यासीन मलिक को सेहत के तर्क पर मामले से स्थायी रूप से रियायत दी गई।
पोटा कोर्ट के प्रिसाइडिंग अफसर किशोर कुमार ने क्राइम ब्रांच की दलीलें सुनने के बाद यासीन मलिक के वकील को आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया। क्राइम ब्रांच के अनुसार मार्च 2002 में मलिक ने जेकेएलएफ के श्रीनगर स्थित मुख्यालय में बैठक का आयोजन किया था।
बैठक में मलिक ने मुश्ताक अहमद को नेपाल के काठमांडू शहर में जाने की जिम्मेदारी सौंपी। मुश्ताक अहमद डार से कहा गया कि वह काठमांडूृ से एक लाख अमेरिकी डॉलर की राशि लेकर आएं। इस राशि को जम्मू-कश्मीर की आतंकी तंजीमाें में वितरित किया जाएगा।