श्रीनगर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए नेकां अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रत्याशी नजीर अहमद खान सोमवार को पर्चा भरा। फारूक ने नेकां-कांग्रेस संयुक्त प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है। इस दो नामांकन के साथ ही अब तक चार प्रत्याशियों ने इस सीट के लिए नामांकन पत्र भरा है।
फारूक के साथ नामांकन के दौरान नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ग़ुलाम अहमद मीर, कांग्रेस नेता तारिक हमीद कर्रा, नेकां के अली मोहम्मद सागर के अलावा भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। नामांकन के बाद पार्टी दफ्तर में फारूक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में देश में सांप्रदायिकता की आग लगी है।
इसके खिलाफ लड़ने के लिए सबका सहयोग बेहद जरूरी है। देश सबका है न कि किसी एक धर्म विशेष का। जब तक यह वतन सबका रहेगा तब तक हम इसके साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह नहीं रही तो अल्लाह जाने आगे कौन सा तूफान आने वाला है।
नेकां-कांग्रेस के टिकट पर श्रीनगर से हैं उम्मीदवार
फारूक अब्दुल्ला
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उन्होंने कांग्रेस को भरोसा दिलाया कि नेशनल कांफ्रेंस का एक-एक कार्यकर्ता उन्हें सहयोग देगा। कहा कि न सिर्फ जम्मू कश्मीर को ही बल्कि इस वतन को सांप्रदायिकता की आग से बचाना है। हमारा यह कश्मीर तब तक बच नहीं सकता जब तक पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच दोस्ती नहीं होगी।
इस सबके लिए नेतृत्व को बात करनी होगी। कहा कि आज हमारे प्रधानमंत्री को भीख मांगने जाना पड़ता है कि हमारे घर आओ लेकिन उन्हें यह कहना चाहता हैं कि इस दौड़ से कोई बात बनने वाली नहीं। पहले अपना जमीर ठीक करना होगा।
उधर, पीडीपी प्रत्याशी के रूप में नजीर अहमद खान ने समर्थकों के साथ पहुंचकर नामांकन किया। उनके साथ सांसद डा. मुजफ्फर बेग और इमरान रजा अंसारी और एमएलसी खुर्शीद आलम मौजूद थे। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि विधानसभा चुनाव में बीरवाह से नजीर ने उमर अब्दुल्ला को कड़ी टक्कर दी थी।
नौजवान को इसलिए मौका दिया गया है क्योंकि आने वाला समय नौजवानों का है। नजीर ने कहा कि कांग्रेस के टिकट पर बीरवाह में उसे 23 हजार वोट मिले थे। जमीनी स्तर का कार्यकर्ता होने के नाते उम्मीद है कि जनता उन्हें जिताएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या इस बार तारिक हमीद कर्रा की कमी महसूस होगी तो कहा कि उन्होंने मेरी सीट पकड़ी और मैंने उनकी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कहा कि कांग्रेस ने 15 विधान सभा क्षेत्र में 26 हजार के करीब वोट हासिल किए थे जिनमें से 23 हजार उनके थे। जहां तक फारूक अब्दुल्ला का सवाल है तो वह एक बदनाम राजनीतिज्ञ हैं।