शहर के मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन जारी है। शहर के सबसे पॉश एरिया गांधीनगर की बात करें तो यहां पर अतिक्रमणकारियों की संख्या बहुत ज्यादा है।
पांच साल में गांधीनगर क्षेत्र में अलग-अलग तरीके से अतिक्रमण किया गया, जिसके बाद नगर निगम की कार्रवाई के चलते लोगों ने नगर निगम के खिलाफ कोर्ट में केस दाखिल कर दिए।
एकाएक करके 670 मामले अदालत में पहुंचे है, जो कि अभी अदालत में विचाराधीन हैं। नगर निगम और लोगों को हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है।
लोगों ने रिहायशी इलाके को कामर्शियलाइज करना शुरू कर दिया। यह सिलसिला पिछले कुछ साल से शुरू हुआ था। लोगों ने नगर निगम के बिल्डिंग आपरेशन कंट्रोल अथॉरिटी एक्ट के खिलाफ जाकर अतिक्रमण किया और शहर के मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन भी किया।
कुछ जगह पर लोगों ने निगम के इंस्पेक्टरों की मिलीभगत से अतिक्रमण किया था, जिसके बाद निगम ने सख्त कार्रवाई की और इंस्पेक्टरों पर गाज भी गिरी।