पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को पाकिस्तानी गोलाबारी प्रभावित बालाकोट इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गोलाबारी में मारे गए पांच लोगों के परिवार वालों से मिलकर संवेदना जताई। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए तत्काल प्रभाव से उपाय करने को कहा।
ग्रामीण खेती तथा अन्य कार्यों के चलते सीमावर्ती इलाकों में जा सके, इसकी व्यवस्था सुनिश्चत करने के लिए केंद्र सरकार हस्तक्षेप करे। उन्होंने क्षेत्र में क्रिटिकल केयर एंबुलेंस की तैनाती तथा ट्रामा सेंटर बनाने की मांग की।
बाद में कृष्ण चंद्र पार्क में आयोजित सभा में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर बरसते हुए कहा कि क्या सोनिया गांधी पाकिस्तान के साथ युद्ध चाहती हैं। हम तो जम्मू कश्मीर को अमन का माध्यम बनाना चाहते हैं। जम्मू- कश्मीर को हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच पुल बनाना चाहते हैं।
मुफ्ती ने सन 2002 में जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की हुकूमत थी और रियासत में पीडीपी-कांग्रेस की सरकार थी तो मुफ्ती के कहने पर अटल ने पाकिस्तान के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया था।
उसके बाद 2005 में अटल जी की सरकार चली गई। कांग्रेस की सरकार आई तो पाकिस्तान के साथ जिस प्रकार रिश्ते सुधारने के लिए बातचीत होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई जिसके कारण आज हमें जीरो से शुरू करना पड़ रहा है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर में गोलाबारी चल रही है और पंजाब में वाघा बार्डर से पाकिस्तान से प्याज के ट्रक आ रहे हैं। क्योंकि हिंदुस्तान में प्याज मंहगा है। पाकिस्तान में सस्ता फिर क्या कारण है कि जम्मू कश्मीर के बार्डर पर गोलाबारी होती है।
हम जम्मू कश्मीर को दोनों देशों के बीच जंग का नही,अमन का मैदान बनाना चाहतें हैं। हमें आशा है कि मोदी जी भी अटल जी की तरह पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध बढ़ाएंगे। इस अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर, सड़क एवं भवन निर्माण मंत्री सैयद अल्ताफ बुखारी, पुंछ के विधायक शाह मोहम्मद तांत्रे और युवा प्रधान तनवीर डार ने भी जनसभा को संबोधित किया।