जम्मू-कश्मीर की सत्ता में दो बार काबिज रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) इन दिनों दुविधा में हैं। पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के पांच अगस्त से नजरबंद रहने के चलते पार्टी के नेता न तो कोई रणनीति तय कर पा रहे हैं और न ही प्रशासन उन्हें महबूबा से मिलने की अनुमति दे रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार अध्यक्ष से संपर्क न हो पाने के चलते पार्टी के नेता अपने बलबूते फैसले लेने को अधिकृत नहीं हैं। ऐसे में कश्मीर हो या फिर जम्मू, महबूबा की रिहाई या फिर एलजी प्रशासन की तरफ से पीडीपी नेताओं को उनसे मिलने की अनुमति देने का इंतजार किया जा रहा है।
पीडीपी की तरफ से श्रीनगर के डीसी को कई बार इस संबंध में आग्रह किया जा चुका हैं लेकिन प्रशासन आग्रह को टालने का काम करता रहा है।