महबूबा मुफ्ती ने इंजीनियर राशिद की जमानत पर सवाल उठाते हुए जेल में बंद अन्य लोगों की रिहाई की मांग की और राशिद के चुनावी मैदान में उतरने पर भी चिंता जताई।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इंजीनियर राशिद को ज़मानत मिलने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुफ्ती ने कहा कि राशिद को जमानत सत्र के दौरान मिलनी चाहिए थी ताकि वे आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान दे सकें। महबूबा मुफ्ती ने यह भी आरोप लगाया कि राशिद की ज़मानत मिलने के बावजूद उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई और यह भी सवाल उठाया कि जेल में रहते हुए राशिद के लिए उम्मीदवार कैसे खड़े किए गए। मुफ्ती ने यह सवाल भी उठाया कि राशिद के पास चुनाव लड़ने के लिए इतना पैसा कहां से आया।
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मुफ्ती ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि जेलों में बंद अन्य लोगों को भी रिहा किया जाए, और उन लोगों को अपने परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि नौजवानों को जेल में बंद रखा गया है और उनके परिवारों को उनसे मिलने की इजाज़त नहीं है। महबूबा मुफ्ती के इन बयानों से यह स्पष्ट है कि पीडीपी का रुख वर्तमान सरकार की जेल नीति और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ है। उनका यह बयान राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है, जिसमें जेल में बंद नेताओं और उनके अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।