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महबूबा मुफ्ती ने की पीएम मोदी से अपील, कहा- आगे बढ़े पाक से बातचीत तभी सुधरेंगे हालात

Sat, 28 Jul 2018 07:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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महबूबा मुफ्ती
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श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में शनिवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर महबूबा मुफ्ती ने लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि केंद्र से कश्मीर के मसले को हल करने की अपील की। महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वेह इमरान खान द्वारा भारत के साथ बातचीत के न्योते का जवाब बातचीत के लिए हाथ बढ़ाते हुए दें। क्यूंकि कश्मीर में माहोल तब सुधरेगा जब दोनों देशों के बीच की दूरियां कम होंगी।

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शेर-ए-कश्मीर पार्क में करीब 5 से 6 हज़ारो लोगों के इक्कठ को सम्बोदित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आप लोग यहां भूखे प्यासे पहुंचे इसके लिए मैं किस तरह आपका शुक्रिया अदा करूं। ये आप लोगों की ओर से मुफ्ती साहब को एक किस्म की श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि मुफ्ती साहब ने लोगों की सेवा करने के लिए कांग्रेस का साथ छोड़ा और 1999 में अपनी पार्टी बनाई ताकि जम्मू कश्मीर के लोगों का सम्मान वापिस लौटाया जाए। महबूबा ने कहा कि मुफ्ती साहब ने पहली बार सत्ता में आते ही पोटा जैसा कानून खत्म किया, एसओजी खत्म करवाई लेकिन पाकिस्तान के साथ बात चीत अपने हाथ में नहीं था फिर भी हमेशा उसके लिए केंद्र को कहते रहे। 

महबूबा ने कहा कि मुफ्ती साहब जब हकूमत में आए तब उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए। सिलसिला आगे बढ़ा और उस समय एलके आडवाणी डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर थे। दो बार हुर्रियत से भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि जो यहां कब्रिस्तान भर रहे हैं उनका इलाज ढूंढने की जरूरत है। मै दो साल सरकार में थी मैंने ज्यादा बात नहीं की। लेकिन आज मैं आपके सामने कई बातें आपके सामने रखना चाहती हूं। 
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महबूबा ने कहा कि जब मुफ्ती साहब ने कहा कि भाजपा से हाथ मिलाएंगे लेकिन मैंने कहा यह तो 370 के खिलाफ हैं इनके साथ कैसे हाथ मिलाया जाएगा। लेकिन केवल वाजपायी जी के दौर को याद करते हुए मेरे पिता ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने का सोचा। हम चुप बैठे रहे केवल यह सोचते हुए मुफ्ती साहब की दूरंदेश नजर है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि मोदी कोई ऐसा संदेश देंगे, जिससे यहां के लोगों को मरहम लगेगा। लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। मुफ्ती साहब जब अस्पताल में भी थे तब भी लोगों के लिए सोचते रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि मेरे पिता के जाने के बाद मेरा सब कुछ चला गया। मैंने तीन महीने सरकार बनाने में लिए। मैंने तब भी अपने साथियों से कहा कि में उस लायक नहीं, मेरी उस समय हालत खराब थी और मैं तैयार नहीं थी। लेकिन साथियों ने कहा कि मुफ्ती साहब का एजेंडा आगे ले जाना है और इसके लिए आगे आइये। महबूबा ने कहा कि आये दिन बच्चे मारे गए और यह गोली जैसे मेरे जिगर को चीरती थी, मुझे काफी तकलीफ होती थी। 

उन्होंने कहा कि मैंने मोदी से कहा कि हम चाहे जो कुछ करें विकास के नाम पर लेकिन जब बच्चे मारे जाते हैं सब खत्म हो जाता है। मैंने उनसे कहा कि पाकिस्तान से बातचीत हो लेकिन मोदी ने कहा मैं गया था लेकिन बदले में क्या मिला पठानकोट। मैंने कहा हम मजबूर है हमें बात आगे बढ़ानी है, इसपर इख्तिलाफ होता था। लोगों को लगता था मेहबूबा कुर्सी पे आराम से बैठी हुई है लेकिन यह दो साल काफी कठिन गुजरे। 

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 370 को लेकर केंद्र ने चेदचद करनी चाही, अटॉर्नी जनरल की ओर से गलत बयानबाजी हुई जिसको लेकर मैंने मोदी से कहा कि गलत हो रहा है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टालते हुए कहा गया कि कश्मीरी लोगों की राय जानने के लिए वार्ताकार कियुक्त किया गया। उन्होंने कहा कि मैंने सीजफायर का प्रस्ताव दिया जो लागू हुआ और हालातों में सुधार देखने को मिला। बार बार हुर्रियत नेताओं को एनआईए द्वारा रिहा करने की अपील की गयी क्यूंकि वो हालातों में सुधार लाने में सहायक सिद्ध हो सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिसके चलते एक ओर मैंने दिल्ली से लड़ाई लड़ी और दूसरी और हालातों से लडडाई लड़ी।

महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि भाजपा के कई नेताओं द्वारा कठुआ रेप मामले पर भी सियासत करते हुए उसमें सीबीआई द्वारा जांच करवाने की मांग की अपील की गयी। उन्होंने कहा कि पहले मुफ्ती साहब रियासत संभालते थे और मैं पार्टी को, लेकिन उनके जाने के बाद सब बदल गया। पार्टी पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बोलते हुए महबूबा ने कहा कि हमने अपने दौर में कई पढ़े लिखे युवाओं को पुलिस व अन्य महकमों में नौकरियां दिलाई लेकिन कभी भी अपने किसी वर्कर की सुफरिश नहीं की और ना ही किसी से पैसे लेकर नौकरी प्रदान की गयी। हम पे जो भ्रष्टाचार का इल्जाम लगा रहे हैं वो उनसे पूछे जिनके राज्य से बाहर बड़े-बड़े बंगले हैं, विदेशों में फ्लैट हैं।

उन्होंने जलसे में मौजूद लोगों से कहा कि कुर्सी आती जाती रहती है लेकिन हिम्मत नहीं हारनी है। आप लोग हिम्मत हारोगे तो हमारा क्या होगा। हमारे पास कत्लोगारत, 35ए आदि बड़ी चुनौतियां है। महबूबा ने कहा कि मैं इस मंच से नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं कि पाकिस्तान में नई सरकार बनने वाली है। इमरान खान ने आते ही हिंदुस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है आपको उसका जवाब देना चाहिए। इलेक्शन आते रहेंगे वोट हासिल करने के लिए सियासत नहीं करे। 

महबूबा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपायी ने 2004 में चुनावों से पहले पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए कदम आगे बढ़ाया। महबूबा ने कहा कि जो प्रधानमंत्री कश्मीर के मसले का हल निकालेगा, लोगों की परेशानियां दूर करेगा, पाकिस्तान से बातचीत करेगा उसका नाम इतिहास में सुनहरे अल्फाजों में लिखा जाएगा। मेरी गुजारिश है मोदी जी इमरान खान द्वारा दिए गए बयां का फायदा उठाएं।

गौरतलब है कि इस दौरान पीडीपी के विधायक आबिद अंसारी, इमरान रजा अंसारी, अब्दुल मजीद पाडर, जावेद बेग, अब्बास वानी, हसीब द्राबू और एमएलसी यासिर रेशी मंच से गायब दिखे। विधायक चौधरी जुल्फिकार भी मच पे नहीं दिखे लेकिन मिली जानकारी के अनुसार वेह राजौरी में पार्टी सम्मलेन को सम्भोदित कर रहे थे।

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