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भाजपा के साथ गठबंधन अलोकप्रिय कदम: महबूबा

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जम्मू-कश्मीर में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पीडीपी गठबंधन तोड़कर फिर से चुनाव कराने पर गंभीरता से विचार कर सकती है।
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रविवार को हुई जनरल काउंसिल की बैठक में महबूबा मुफ्ती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद का भाजपा से गठबंधन करने का निर्णय अलोकप्रिय रहा।

वहीं बैठक के बाद पीडीपी ने यह कहकर गेंद भाजपा के पाले में डाल दी है कि केंद्र सरकार और भाजपा उन मुद्दों से अवगत है, जो सरकार गठन में रोड़ा बने हुए हैं।
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मुफ्ती के व‌िजन पर भाजपा से आश्वासन चाहती हैं महबूबा

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वो कोई भी फैसला भाजपा की केंद्र की मोदी सरकार द्वारा तय समय सीमा में रियासत के अहम सियासी और आर्थिक मुद्दों को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने के आश्वासन से संतुष्ट होने के बाद ही लेंगी।

बैठक में इस बात को भी रखा गया कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के कार्यकाल के दौरान रियासत और केंद्र में भी कई ऐसे मुद्दों को उछालकर विवाद पैदा किए गए जिनसे बचा सकता था।

इससे रियासत सरकार का कामकाज प्रभावित हुआ और जो समय विकास कार्यों के लिए खर्च किया जा सकता था, उसे ऐसे विवादों पर सफाई देने और उन्हें निपटाने में खपाया गया। बैठक में कहा गया कि स्थिति का नए सिरे से आकलन करने के साथ ही इस बात पर भी गौर किया जाएगा कि क्या पार्टी आगे भी ऐसे अनावश्यक विवादों को झेल पाएगी।
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'सिर्फ सत्ता के लिए नहीं बनाएंगे सरकार'

महबूबा मुफ्ती ने बैठक में साफ किया कि पीडीपी सिर्फ सत्ता पाने के लिए सरकार नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा सबको साथ लेकर चलने, अवाम की भलाई और रियासत के विकास के लिए बिना रुके-थके काम किया गया।

इस बात का नए सिरे से आकलन करने की जरूरत है कि क्या हम उनके मिशन को आगे बढ़ाकर असल मायनों में कुछ बदलाव कर सकते हैं और जिसके लिए एक सौहार्दपूर्ण सियासी माहौल की जरूरत है।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि केंद्र सरकार को भारत-पाकिस्तान रिश्तों में सुधार के लिए भी उसी तरह ठोस कदम उठाने होंगे। पीडीपी का मानना है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधरने का सीधा और सकारात्मक असर रियासत के माहौल पर भी पड़ेगा।
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