उधर, जम्मू नगर निगम के फ्लैट्स आवंटन मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम से पूछा है कि पूर्व निगम अफसरों और कर्मियों को दिए गए फ्लैट्स के क्या नियम हैं। हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें यह बताया गया था कि निगम ने अपने अफसरों और कर्मियों को अवैध रूप से फ्लैट और दुकानें दी हैं। अफसरों को नियमों को ताक पर रखकर 13 फ्लैट्स दिए गए। नगर निगम को इस तरह के किसी भी आवंटन का अधिकार नहीं था क्योंकि संभवत: उनके आवासीय उद्देश्यों के लिए शक्ति नगर, जम्मू में अलग-अलग घर बनाए गए थे जो नेताओं को आवंटित किए गए हैं।
संयुक्त आयुक्त को निजी तौर पर पेश होने का आदेश
विशेष न्यायाधिकरण ने नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को निजी तौर पर पेश होने कहा है। आरोप है कि कोर्ट ने एक आदेश दिया था कि पांच दिन के दौरान अवैध निर्माण तोड़े जाएं। इस आदेश पर संयुक्त आयुक्त ने ओवरराइटिंग की। कोर्ट ने 29 मार्च को पेश होने के लिए कहा है।