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J&K: आने वाले साल में मरीजों को हो सकती है दवाओं की दिक्कत

Sat, 25 Feb 2017 04:27 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
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medicine - फोटो : Demo Photo
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जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड (जेकेएमएससी) की ओर से नई व्यवस्था में अप्रैल 2017 से राज्य के चिकित्सा केंद्रों में एक साल का दवाओं का कोटा उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों के लिए दवाओं के आर्डर दिए गए हैं, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग में एसोसिएटेड अस्पतालों में अभी तक इस प्रक्रिया पर काम नहीं हो पाया है। 
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जीएमसी जम्मू और श्रीनगर की ओर से कारपोरेशन को करोड़ों रुपये की दवाओं की सूची भेजी गई है, लेकिन कारपोरेशन ने जीएमसी प्रशासन से बजट पर पहले स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। सरकार ने नई व्यवस्था में सभी चिकित्सा केंद्रों को एक साल के कोटे की सूची को कारपोरेशन के पास गत नवंबर के अंत तक भेजने को कहा था।

इसके बाद तीन माह की टेंडरिंग, पैकिंग, सप्लाई और टेस्टिंग प्रक्रिया के बाद अप्रैल 2017 से संबंधित चिकित्सा केंद्रों को दवाओं की खेप उपलब्ध करानी है। 
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एसोसिएटेड अस्पतालों के लिए करीब 25 करोड़ की दवा मंगाई

25 करोड़ की दवा मंगाई - फोटो : demo
सूत्रों के अनुसार जीएमसी जम्मू की ओर से एसोसिएटेड अस्पतालों के लिए करीब 25 करोड़ और जीएमसी श्रीनगर की ओर से 15.50 करोड़ रुपये की दवाई मांगी गई है, लेकिन कारपोरेशन ने जीएमसी प्रशासनों को अपनी दवाओं के बजट पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इसके लिए जीएमसी प्रशासनों को कई बार जानकारी दी गई है। 

कारपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि अगर करोड़ों रुपये की दवाई की खरीद कर ली जाती है, लेकिन बाद में अगर जीएमसी प्रशासन पैसा उपलब्ध करवाने में विफल रहते हैं तो कारपोरेशन का सारा माल डंप होने के साथ ही करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में एसोसिएटेड अस्पतालों में नए वित्त वर्ष में दवाओं की किल्लत होना स्वाभाविक है। सरकार के एक अन्य आदेश में अब चिकित्सा केंद्रों को निजी स्तर पर दवाई की खरीद के लिए पहले कारपोरेशन से एनओसी लेना जरूरी है।
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