माता वैष्णो देवी के आधार शिविर में भी कश्मीर हिंसा की गूंज है। आध्यात्मिक केंद्र में चल रहे भाजपा के प्रशिक्षण महाभियान में राज्यभर के पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों ने घाटी के हालात पर चिंता जताई।
उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगा कि सरकार कश्मीर में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठा रही है। कब तक माहौल सामान्य हो जाएगा। क्षेत्र में जनता इस विषय में जवाब मांग रही है और अब तो जवाब देना मुश्किल हो गया है।
इसको लेकर भाजपा के प्रति नाराजगी भी बढ़ी है। पार्टी पर मामले के हल के लिए लचर रवैया अपनाने के आरोप लग रहे हैं।
निर्मल सिंह कह चुके हैं कि घाटी में जल्द सुधरेंगे हालात
उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह
- फोटो : Amar Ujala
प्रशिक्षण महाभियान में कश्मीर से जुड़ा कोई भी सत्र नहीं है, लेकिन सत्र के दौरान ही कश्मीर के हालात को लेकर कार्यकर्ताओं का आक्रोश सामने आ रहा है।
पीएमओ में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह और रियासत के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह यह कह चुके हैं कि घाटी में हालात जल्द सुधरेंगे।
इसके बाद भी पार्टी पदाधिकारियों में घाटी के हालात को लेकर सामान्य जिज्ञासा है। पदाधिकारियों का कहना था कि इस मसले को हल करने में जितना अधिक समय लग रहा है, उतना ही पार्टी के खिलाफ माहौल बन रहा है।
भाजपा पर सत्ता की भूखी होने का आरोप
प्रशिक्षण महाभियान
- फोटो : Amar Ujala
क्षेत्र में अब तो लोग यह भी कहने लगे हैं कि भाजपा सत्ता की भूखी है। उसकी कथनी और करनी में फर्क है। अलगाववाद से समझौता न करने की पार्टी बात कहती है, लेकिन पिछले दो महीने में घाटी में कुछ नहीं किया।
पत्थरबाजों के हौसले बढ़े हैं। पदाधिकारियों ने तो सत्र के दौरान यहां तक कहा कि केवल यह बताया जाता है कि हालात जल्द सुधरेंगे, लेकिन वस्तुस्थिति क्या है यह कोई भी नहीं बताता है।
सरकार में सहयोगी के नाते भाजपा का क्या स्टैंड है, यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता है। भाजपा के राज्य प्रवक्ता अरुण गुप्ता का भी कहना है कि कश्मीर में माहौल जल्द सामान्य बनाने की जरूरत है।