श्राइन बोर्ड की व्यावसायिक कार्यप्रणाली व जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों के विरोध में शनिवार को धर्मनगरी कटड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हजारों की संख्या में पूर्व बारीदारों, व्यवसायियों व अन्य लोगों ने मुख्य बस स्टैंड पर एकत्रित होकर अपना विरोध जताया तथा बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी की।
वैष्णो देवी के पूर्व बारीदारों की लंबित मांगों, धर्मनगरी से अर्द्धकुंवारी तक बनाए गए नए मार्ग के इस्तेमाल पर स्पष्टीकरण व माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय की भूमि से जुड़े ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर शनिवार को बंद का आह्वान किया गया था। इसका प्रभाव समूची तहसील में देखने को मिला।
गौरतलब है कि धर्मनगरी में भाजपा का चार दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान जारी है। इसमें हिस्सा लेने पहुंचे उप मुख्यमंत्री व भाजपा के कई दिग्गज प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे तथा उनसे मंच साझा किया।
उप मुख्यमंत्री के आग्रह पर दोपहर बाद खुली दुकानें
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- फोटो : Amar Ujala
राज्यमंत्री व स्थानीय विधायक अजय नंदा व बारीदार कमेटी के प्रधान शेर सिंह द्वारा उप मुख्यमंत्री सहित अन्य भाजपा नेताओं के समक्ष श्राइन बोर्ड से जुड़ी समस्याओं को रखा गया।
राज्य भाजपा नेतृत्व द्वारा विभिन्न मुद्दों को जायज ठहराते हुए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ही माहौल शांत हो सका। दोपहर करीब तीन बजे उप मुख्यमंत्री के आग्रह पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने का निर्णय लिया गया।
उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा है कि वैष्णो देवी यात्रा के हर पड़ाव का विशेष महत्व है। सभी पड़ाव आस्था व संस्कृति से जुडे़ हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही प्राचीन मार्ग से ही होनी चाहिए।
नए मार्ग का इस्तेमाल जनता के हित को नजर में रखते हुए ही होगा। भाजपा पूर्व बारीदारों की जायज मांगों के साथ है। विश्वविद्यालय की भूमि से जुड़े लोगों की समस्याओं की भी समीक्षा होगी। इन मुद्दों पर बोर्ड से बात कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
भवन मार्ग के दुकानदारों ने भी खोला मोर्चा
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- फोटो : Amar Ujala
एक ओर जहां धर्मनगरी के मुख्य बस स्टैंड पर प्रदर्शन का सिलसिला जारी था, वहीं दूसरी ओर इसी दौरान भवन मार्ग के सैकड़ों दुकानदारों ने दर्शनी ड्योढ़ी से एक रैली निकालकर धर्मनगरी से अर्द्धकुंवारी तक बनाए गए नए मार्ग की ओर कूच करने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों द्वारा नए मार्ग पर तोड़फोड़ की आशंका भी जताए जाने लगी। माहौल तनावपूर्ण न हो जाए, इसलिए बीच में ही प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को शांत किया।
प्रशासन के आग्रह पर दुकानदारों ने अपनी राह बदली तथा करीब दो किलोमीटर तक रैली निकालते हुए मुख्य बस स्टैंड पर प्रदर्शन में शामिल हो गए। इस दौरान बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई तथा नए मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही किसी हाल में सहन नहीं किए जाने की घोषणा की गई।