जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ कासिम उर्फ नावेद के चेहरे पर पकड़े जाने के बाद कोई शिकन नहीं थी। ऐसा लग रहा था मानों वह अपने किसी भी अंजाम से वाकिफ और उसके लिए तैयार था।
इससे पहले भागने की कोशिश करते समय तो वह दहशत में था, लेकिन पकड़े जाने के बाद वह सामान्य नजर आ रहा था। आतंकी बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पहले उसने खुद का नाम कासिम बताया। फिर उस्मान बताया। जम्मू पहुंचने पर कहा कि मैं मोहम्मद नावेद हूं। पिता का नाम मोहम्मद याकूब बता रहा है।
पकड़े जाने के तुरंत बाद मीडिया और वहां मौजूद लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए नावेद ने जो कुछ भी कहा वह दिल दहलाने वाला है। नावेद ने कहा हम यहां हिंदुओं को मारने आए थे। कहा कि अमरनाथ यात्रा में कोहराम मचाना हमारा मुख्य मकसद था। उसने साफ कहा कि मुझे खून बहाने में और ऐसे हमले करने में मजा आता है।
मैं भी मर जाता तो यह खुदा की मर्जी होती
उसने परस्पर विरोधाभासी बातें भी कहीं। मसलन पहले उसने बताया कि वह दो दिन पहले भारत आया। बाद में बताया कि उसने 12 दिन पहले घुसपैठ की थी। उसने पूछताछ में सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि वो और उसका साथी मोमिन खान 12 दिन पहले जंगल के रास्ते भारत में घुस आए थे।
मीडिया के सामने जिंदा पकड़े गए आतंकी उस्मान उर्फ नावेद ने बताया कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद से है। उसके दो भाई और एक बहन है। उसने बताया कि उसका साथी मोमिन भावलपुर (पाकिस्तान) का रहने वाला था। नावेद ने बताया कि उसका एक भाई लेक्चरर है और दूसरा भाई हॉजरी का व्यापारी है।
जम्मू में ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) में उसने बताया कि एक महीने पहले भी उसने और उसके चार साथियों ने कश्मीर के कुपवाड़ा में घुसपैठ करने की कोशिश की थी, पर उन्हें लेने जिस गाइड को आना था, वह नहीं आया। इसके चलते उन्हें लौटना पड़ा था। नावेद ने कहा कि हमले में उसका साथी मारा गया और मैं बच गया। अगर मैं भी मर जाता तो यह खुदा की मर्जी होती।
कोहराम मचाना मेरा मुख्य मकसद था
उसने कहा कि ऐसे हमले करने में मजा आता है। पहले नावेद ने बताया कि वह करीब 20 साल का है, पर बाद में उसने कहा कि वह महज 16 साल का है। गहरे नीले रंग की कमीज और भूरे रंग की पैंट पहने पाकिस्तानी आतंकी नावेद के चेहरे पर जो भाव थे उससे भी कतई नहीं लग रहा था कि उसे अपने किए का कुछ अफसोस है।
उसका कहना था कि इस तरह के हमले करने के लिए उन्हें पैसे नहीं मिलते। उसने यह भी कहा कि उनके परिवार का पाकिस्तान में पूरा ख्याल रखा जाता है। मीडिया के सामने वह कभी मुस्करा देता कभी गंभीर हो जाता। उसका साफ कहना था कि उसने और उसके साथी ने जो किया उसमें काफी मजा आता है। इसके साथ ही पकड़े जाने के बाद उस्मान ने यह भी कहा कि उसे भूख लगी है और उसने खाना भी मांगा।
उल्लेखनीय है कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा की सोची-समझी साजिश के तहत आतंकियों को हिदायत दी जाती है कि अगर वो जिंदा पकड़े जाते हैं तो वो अपनी उम्र 18 साल से कम बताएंगे ताकि उनके खिलाफ जुवेनाइल एक्ट के तहत कार्रवाई हो।