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पढ़िए, जीजा-साले ने कैसे धर दबोचा आतंकी

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आतंकी की गिरफ्त में होने और हर पल जान पर मंडरा रहे खतरे के बावजूद जीजा-साले की बहादुर जोड़ी ने हिम्मत नहीं हारी और खूंखार आतंकी को दबोच कर इतिहास रच दिया। सारा देश उन्हें सलाम कर रहा है।
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बुधवार को जब एक आतंकी को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया तो दूसरा आतंकी मौका देखकर वहां से भाग निकला। मौत के डर से थर्राए आतंकी उस्मान ने पहले दो लोगों को राइफल से धमकाकर रास्ता दिखाने के लिए अपने साथ लिया।

पहाड़ी पर आगे पहुंच कर दो और युवा जो आपस में जीजा-साले हैं, उन्हें भी बंदूक दिखाकर कब्जे में कर लिया। आगे चलकर रास्ते में एक और व्यक्ति को वह गांव चिरडी तक ले गया।
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इस तरह से कुल पांच लोगों को उस्मान ने बंधक बनाया। इसी दौरान जीजा-साले ने हिम्मत दिखाते हुए आतंकी को करीब आधे घंटे तक दबोचे रखा तथा मौके पर पहुंचे सुरक्षा बलों की टीमों के हवाले किया।

मौत के डर से थर्राया आतंकी उस्मान

आतंकी के साथ आपबीती सुनाते हुए साले राकेश कुमार शर्मा और बहनोई विक्रम जीत शर्मा ने बताया कि सुबह साढे़ सात बजे उन्हें जब गोलियों की आवाज सुनाई दी तो वे घर के बाहर आ गए। धुंध के चलते उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।

करीब आठ बजे एक आतंकी दो लोगों को किडनैप कर उनके घर के पास पहुंचा और उन्हें भी बंदूक दिखाकर अपने साथ ले गया। रास्ते में एक व्यक्ति जो उधमपुर की ओर जा रहा था, उसे भी अपने साथ चलने को कहा। उन्होंने कहा कि करीब चार किलोमीटर दूर जाकर उसने खाना खाकर पानी पिया।

इस दौरान आतंकी ने रास्ते में ही उनके मोबाइल भी बंद करवा ताकि कहीं लोकेशन पता न चल जाए। आतंकी अपने आपको पाकिस्तानी बता रहा था। उन्होंने बताया कि हेलीकाप्टर की आवाज आने पर आतंकी ने उन्हें जंगल की तरफ ले जाने की बात कही। जंगल की तरफ पहुंच कर करीब पंद्रह मिनट तक वहां बैठे रहे।
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ऐसे पकड़ा गया आतंकी उस्मान

बंधक बने पांचों लोग आपस में आंखों से इशारा कर उसे पकड़ने की सोच रहे थे, लेकिन जंगल में बैठने के बाद जब आवाजें आईं तो आतंकी ने अपनी गन उठा ली। इसी बीच मौका पाकर तीन लोग जान बचाकर भाग निकले। अब बचे राकेश शर्मा और विक्रम जीत शर्मा ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और उस्मान पर टूट पड़े।

साले ने आतंकी को गर्दन और बाजू से करीब आधे घंटे तक जकड़े रखा। उसने इन्हें गोली मारने की कोशिश भी की। गुत्थमगुत्थी में एक फायर भी निकला, लेकिन इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ। करीब आधा घंटे तक उनमें जोर-आजमाइश चलती रही। इसी बीच सुरक्षा बल के जवानों ने वहां पहुंचकर उस्मान को कब्जे में ले लिया।  

रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकी उस्मान डोगरों के हत्थे चढ़ गया था। ऐसे में उसके बचकर जाने का सवाल ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि डोगरा बहुत जांबाज कौम है। उनकी बहादुरी के किस्से मशहूर हैं। उनके हाथ से पाकिस्तानी आतंकी का बचकर जाना असंभव था।
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