गलती से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) चले गए भारतीय नागरिक को पाकिस्तानी सेना और पीओके प्रशासन ने चक्कां दा बाग के रास्ते लौटा दिया। सैफदीन (47) पुत्र गुलाम मोहम्मद लोन निवासी गांव गगड़ियां तहसील मंडी जिला पुंछ मानसिक रूप से अस्वस्थ है। 7 जून 2018 को गलती से नियंत्रण रेखा पार कर पीओके चला गया था।
चक्कां दा बाग के रास्ते इस तरफ भेजा गया
उसे इतने समय तक पाकिस्तानी जेल में रहना पड़ा। सोमवार को उसे लौटाया गया। सोमवार दोपहर को पाकिस्तानी सेना के आग्रह पर पुंछ से दस किलोमीटर दूर नियंत्रण रेखा पर स्थित चक्कां दा बाग के रास्ते सैफदीन को इस पार भेजा गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे पुंछ थाने लाया गया।
बेटे की वापसी पर बुजुर्ग मां-बाप के आंसू छलके
करीब साढ़े तीन साल से बेटे की राह देख रहे बुजुर्ग मां-बाप की आंखें सोमवार को बेटे की घर वापसी पर छलक पड़ीं। उन्होंने बेटे को गले लगाया। बुजुर्ग दंपती ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों और खुदा का शुक्रिया किया।
मां-बाप बोले, बेटे को देखने की आस छोड़ चुके थे
सैफदीन के बूढ़े मां-बाप का कहना है कि हम तो बेटे को देखने की भी आस छोड़ चुके थे। बुजुर्ग और गरीब होने के कारण उसकी वापसी के लिए केवल जिला प्रशासन से ही गुहार लगा पा रहे थे। यह वक्त बेटे के गम में रो-रो कर गुजारा। सैफ दीन के पिता गुलाम मोहम्मद लोन का कहना है कि मेरा बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की वजह से अकसर घर से भाग जाता था।
कई दिन बाद पता चला पीओके पहुंच गया
ऐसे ही 7 जून 2018 को वह कहीं चला गया था। कुछ समय बाद पता चला कि वह पीओके चला गया। तब से हम उसकी वापसी के लिए सरकार से गुहार और खुदा से दुआ मांग रहे थे। जो आज पूरी हो गई है।