DEMO PIC
पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की नई बटालियन खड़ी करने जा रहा है। 25 नवंबर को इसके लिए पीओके में बड़े पैमाने पर भर्ती रैली की जाएगी।
जिस तरह से इंटरनेशनल बार्डर और एलओसी पर पाकिस्तानी रेंजर और चिनाब रेंजर काम कर रहे हैं, इसी तरह की यह नई बटालियन होगी। जिसका नाम जंगबाज रखा गया है।
नियंत्रण रेखा पर पाक को मिल रहे मुंहतोड़ जवाब से बौखलाकर पाकिस्तान नई बटालियन तैनात कर रहा है, ताकि भारतीय सैनिकों को तंग किया जा सके और आतंकियों की घुसपैठ कराई जा सके।
पीओके में 25 नवंबर को की जाएगी भर्ती रैली
भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास इसके पुख्ता इनपुट पहुंचे हैं। सूत्रों का कहना है कि पुंछ जिले में बिंबर गली के सामने कृष्णा घाटी सेक्टर के सामने पाकिस्तान की इस समय 4 पीओके न्यू रेजिंग बटालियन तैनात है।
यहां पर जिस तरह से भारत की 25 इनफेंटरी डिवीजन है, इसी तरह से यहां पर पाक की पिंडी डिवीजन है। पुंछ के इस क्षेत्र में पाकिस्तान ने हमेशा ही घुसपैठ कराई है और भारतीय सेना पर हमले किए हैं।
इसी सेक्टर में 2012 में पाक की बैट टीम ने हमला कर दो भारतीय जवानों के सिर काट लिए। अब यहां पर पाक नई बटालियन खड़ी करना चाहता है।
जेलों में बंद आतंकियों को भर्ती करने का न्योता
18 नवंबर को पीओके के मुज्जफराबाद में कोटली जामिया मस्जिद में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा और पाक खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने एक बैठक की। इसमें पूर्व आतंकियों और पाक जेलों में बंद आतंकियों को दोबारा आतंकी वारदातों में शामिल होने के लिए कहा गया।
इनको बाकायदा दस लाख रुपये शहीद होने पर देने के लिए कहा गया। इस बैठक में लश्कर के टॉप कमांडर मजीबुल रेहमान, अबू उसमान, अबू महजीद, जमील उल इसलाम, अशफाक अहमद, अब्दुल रजाक और शाहिद ने हिस्सा लिया।
आईएसआई के कर्नल सईद और सूबेदार हाफिज ने भी इसमें शिरकत की। सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चली बैठक में अधिक से अधिक आतंकियों को भर्ती होने पर बल दिया गया। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।