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जम्मू-कश्मीर में मिली एक और सुरंग, हीरानगर सेक्टर के पानसर में पाकिस्तान की नापाक हरकत

Sat, 23 Jan 2021 01:37 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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सुरंग - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
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सीमा सुरक्षा बल ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में हीरानगर के पानसर में एक सुरंग का पता लगाया है। इसकी लंबाई 150 मीटर है। पाकिस्तानी खुफिया विभाग ने आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए इसका निर्माण किया था। सीमा सुरक्षा बल द्वारा 10 दिनों में दूसरी सुरंग का पता लगाया गया है। 

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अधिकारियों ने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचना पर, बीएसएफ ने एंटी टनलिंग ड्राइव की श्रृंखला में जम्मू के पानसर क्षेत्र में एक और सुरंग का पता लगाया है। बीपी नंबर 14 और 15 के बीच सुरंग का पता चला है। सुरंग लगभग 150 मीटर लंबी और 30 फीट गहरी है। 

बीएसएफ ने जून 2020 में इसी इलाके में हथियारों और गोला-बारूद ले जा रहे एक पाकिस्तानी हेक्साकॉप्टर को मार गिराया था। सैनिकों ने नवंबर 2019 में इसी क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम कर दिया था। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अब तक जम्मू संभाग में दसवीं और पिछले छह महीने में चौथी सुरंग मिली है।
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बीएसएफ के आईजी जम्मू एन. एस. जम्वाल ने बताया कि पानसर क्षेत्र में इंटेलिजेंस एजेंसी की तरफ से एक टनल के बारे में इनपुट मिला था। पाकिस्तान ने ये सुरंग जीरो लाईन से खोदी है। अनुमान है कि ये सुरंग भारतीय सीमा में 140-150 मीटर लंबी और 25-30 फीट गहरी है। आदमी बैठकर या रेंगकर इसे पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि आईएसआई, पाकिस्तानी रेंजर्स और पाकिस्तानी सेना की मदद के बगैर जीरो लाइन के पास टनल बनाना संभव नहीं है। जीरो लाइन पर उनकी अनुमति के बिना कोई नहीं पहुंच सकता है।

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यह सिस्टम किसी भी मौसम में मानव हलचल को पकड़ लेता है

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की हरकत पर नजर रखने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने अत्याधुनिक उपकरणाें के साथ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। सीआईबीएमएस यानी कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम से आतंकी घुसपैठ के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं। यह सिस्टम किसी भी मौसम में मानव हलचल को पकड़ लेता है। कई बार आतंकी घुसपैठ की कोशिशों को इसी सिस्टम की मदद से ऐन मौके पर नाकाम कर दिया गया है। यही वजह है कि पाकिस्तान सुरंगें खोदकर आतंकियों को इस पार धकेलने की कोशिशें कर रहा है। 

सीमा प्रहरियों की दिक्कतों को देखते हुए मैनुअल पेट्रोलिंग के साथ सीआईबीएमएस से भी निगरानी की जा रही है। अत्याधुनिक उपकरणाें से लैस यह सिस्टम बेहद कारगर है, जिससे बौखलाया पाकिस्तान सुरंगें खोदने के हथकंडे अपना रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सुरंगें खोदने के लिए पाकिस्तान पेशेवर इंजीनियरों की मदद ले रहा है। इसी वजह से सैकड़ों मीटर लंबी सुरंगों को खोदने पर भी इसकी भनक नहीं लग रही। हालांकि बीएसएफ के एंटी टनल अभियान ने आरएस पुरा, सांबा से लेकर हीरानगर सेक्टर तक सुरंगों को खोजने में सफलता हासिल की है।

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