नई औद्योगिक भूमि आवंटन नीति के तहत निवेशकों के लिए कई शर्ते रखी गई हैं। इन शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटित भूमि को रद्द किया जा सकता है।इसमें निवेशक को आवंटित भूमि के दो साल की निर्धारित अवधि के भीतर प्रभावी कदम उठाने होंगे। 3 साल के भीतर उत्पादन में आने के लिए औद्योगिक इकाई की विफलता, लीज समझौते के तहत प्रावधानों का उल्लंघन, 5साल की अवधि की लिए किसी उद्यम का असहयोग। इसके अलावा नीति एक त्रिपक्षीय समझौते के माध्यम से एक सहायक औद्योगिक उद्यम स्थापित करने के लिए एक व्यावसायिक उद्यम के निर्मित क्षेत्र के 60 फीसदी से किराये पर भी प्रावधान रखती है।
स्थायी औद्योगीकरण और रोजगर सृजन होगा
नई औद्योगिक भूमि आवंटन नीति का उद्देश्य स्थायी औद्योगीकरण और रोजगार सृजन के माध्यम से समावेशी विकास प्राप्त करना है। इसमें औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि आवंटन को एक निष्पक्ष और पारदर्शी तंत्र विकसित करने का प्रावधान शामिल है।