पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किए जाने पर सीमा सुरक्षा बल (जम्मू फ्रंटियर) के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) राकेश शर्मा ने कहा कि पाक शांति नहीं चाहता है।
यही कारण है कि कई बार प्रयास करने के बावजूद पाकिस्तान फ्लैग मीटिंग को तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जब कभी फ्लैग मीटिंग होती है, तो पाकिस्तान सीजफायर के उल्लंघन को स्वीकार ही नहीं करता।
जबकि उनकी ओर से दागे गए गोले भी सबूत के तौर पर पेश किए जाते रहे हैं।
भारत ने भेजा था फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव
आईजी ने स्पष्ट कहा, ‘हम शांति के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन यह पाक पर निर्भर है कि वह कितना गंभीर है।’ उन्होंने कहा कि 16 जुलाई से अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाक ने 30 बार सीजफायर का उल्लंघन किया।
हर बार उन्होंने फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव पाक को भेजा, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।
आईजी ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार से उन्हें निर्देश आए हैं कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। इस संबंध में बीएसएफ के तमाम अफसरों और जवानों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
हर हमले का मिलेगा पाक को कड़ा जवाब
आईजी राकेश शर्मा ने कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं कि पाक रेंजरों को पाकिस्तानी सेना शेल्टर दे रही है लेकिन उन्हें उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे।
लगातार गोलाबारी से त्रस्त सीमांत गांवों के नागरिकों की सुरक्षा पर आईजी ने कहा कि उनके कमांडर लगातार गांव के लोगों और पंचायतों के संपर्क में हैं।
यदि उनके ऊपर किसी तरह का हमला होता है तो बीएसएफ इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जितनी फायरिंग करेगा, उससे ज्यादा कड़ा जवाब दिया जाएगा।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि 16 जुलाई से अब तक हुए सीजफायर के उल्लंघन में बीएसएफ ने अपना एक जवान गंवाया है, जबकि दो जवान जख्मी हुए हैं।