जम्मू के दोमाना में भारतीय सीमा पर बढ़ते दबाव और सर्जिकल स्ट्राइक के डर के बीच पाकिस्तान की ओर से अपना क्षेत्र खाली करवाने की सूचना मिल रही है। सुरक्षा एजेंसीज की ओर से भी इसकी पुष्टी की गई है। पाकिस्तान की ओर से परगवाल, गडखाल और कानाचक्क के साथ लगते क्षेत्रों को खाली करवाया गया है। जिसके चलते भारतीय क्षेत्र के रहने बाले लोग भी अलग-अलग राय बना रहे हैं। सीमा से सटे भारतीय क्षेत्रों के लोग पूरी तरह सीमा पर डटे हुए हैं और अपने खेत खलिहानों में रोजाना की तरह काम कर रहे हैं।
पाकिस्तान की ओर से रामगढ़ अंतराष्ट्रीय सीमा पर सरकंडा साफ करने गए सीमा सुरक्षा बल के जवान का अपहरण कर उसके शव के साथ बर्बरता की थी। जिसके बाद से सीमा पर तनातनी बनी रही। इसी तनातनी और भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से डरा सहमा पाकिस्तान अपने क्षेत्र को खाली करवाने में जुटा हुआ है। पाकिस्तान की ओर से लूनी, चक्क पूंडरा आदि गांवों को खाली करवाया गया है।
सुरक्षा एजेंसीज की मानें तो पाकिस्तान की ओर होने वाली सिविलियन हलचल शून्य के बराबर है, हालांकि क्षेत्र में फसल लगी हुई है। वहीं भारतीय क्षेत्र में भी इसके चलते हलचल बढ़ी है। लोगों को डर है कि हर बार धान की कटाई और रोपाई के समय पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत की जाती है। लेकिन इस बार पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र को खाली करवाने की बात को एजेंसियां हलके में नहीं ले रही है। कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान भारत की और से दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक से डरते हुए ऐसा कर रहा है। उसे आशंका है कि, कहीं भारतीय सैनिक स्थानीय लोगों के भेष में आकर उनका नुकसान न कर दें।