मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बाहरी राज्यों में व्यावसायिक शिक्षा हासिल कर रहे कश्मीरी विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री विशेष स्कालरशिप योजना के तहत आ रही मुश्किलों का मसला अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला के समक्ष उठाया। रविवार को श्रीनगर में उनसे मिलकर मुफ्ती ने विस्तार से इसकी जानकारी देते हुए समस्या के समाधान के लिए केंद्र के स्तर पर पहल करने का आग्रह किया।
नजमा ने इस बाबत आवश्यक कदम उठाने का उन्हें भरोसा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने वक्फ संपत्ति से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप जल्द जारी किए जाने का भी केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की ओर से शुरू की गई नई योजना उस्ताद की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को दक्ष बनाने के अलावा सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार मिलने में भी आसानी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि उनके ध्यान में लाए गए सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर हल होगा। वहीं, मुख्यमंत्री पहलगाम के मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि पहलगाम को डलहौजी की तर्ज पर उच्च स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
साथ ही इसे शैक्षणिक हब के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। पहलगाम के आसपास गुणवत्ता पर आधारित शिक्षा मुहैया करवाने वाले स्कूल और संस्थान खोले जाएंगे। उन्होंने पहलगाम को सभी मौसमों वाले पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए यहां पर स्कीइंग, रोपवे, माउंटेन बाइकिंग, जाय राइड आदि शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को शिक्षा से जोड़ने से काफी लाभ होगा।