पहलगाम को पर्यावरण के अनुकूल हाई-एंड पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से उठाए गए कदम के तहत मुफ्ती मोहम्मद सईद ने सोमवार को टाउन प्लानिंग आर्गेनाइजेशन (टीपीओ) को तुरंत पहले की सिफारिशों को जांच कर ठोस ड्राफ्ट मास्टर प्लान सबमिट करने के लिए कहा, जिस पर राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अगले तीन महीनों के भीतर कार्य शुरू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को पहलगाम में एक स्किल डेवलपमेंट स्कूल खोलने को लेकर कांसेप्ट तैयार करने को भी कहा, जहां स्थानीय युवाओं को हास्पिटैलिटी, हाउसकीपिंग और लैंडस्केपिंग का प्रशिक्षण दिया जा सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक में दिए। उन्होंने पहलगाम ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2032 और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी की।
बैठक में उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री अल्ताफ बुखारी, मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी बीबी व्यास, जेएंडके बैंक के चेयरमैन मुश्ताक अहमद, कमिश्नर सेक्रेटरी टूरिज्म एंड कल्चर शैलेंद्र कुमार, डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर डा. असगर सामून, एमडी जेकेटीडीसी फारूक अहमद शाह, डीसी अनंतनाग बसीर खान के अलावा अन्य संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।
पहलगाम को ऑल-सीजन पर्यटन स्थल बनाने को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टीपीओ द्वारा बनाए पहलगाम के ड्राफ्ट मास्टर प्लान पर फिर से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि लांग टर्म प्लान गठित की जाए। पहलगाम के पूर्व गठित मास्टर प्लान 2005-2025 को उच्च न्यायलय के निर्देशों के अनुसार संशोधित किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों के लिए बनाई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं, विकास कार्यों और मनोरंजन के रास्तों को सुनियोजित तरीके से बनाया जाए।
पहलगाम में विकास कार्यों का जायजा लेते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को काम में लो के लिए यूईईडी विभाग को 28 नवंबर तक की डेडलाइन दी। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि एसटीपी का सिविल निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। उन्हें यह भी जानकारी दी गई कि सर्बल में अगले कुछ दिनों में कचरे का वैज्ञानिक निपटान के लिए अपशिष्ट प्रबंधन पर काम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि डलहौजी और देहरादून की तरह पहलगाम को पर्यटक-सह-शिक्षा हब के रूप में विकसित किया जाए।